विदेश की खबरें | गाजा में इजराइली हवाई हमलों में 22 बच्चों समेत 60 लोगों की मौत: स्वास्थ्य मंत्रालय
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि हमलों में कुल 60 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से 10 लोगों की मौत दक्षिणी शहर खान यूनिस में हुई।

जबालिया में इंडोनेशियन अस्पताल ने बताया कि हमलों में कम से कम 48 लोगों की मौत हुई है।

ये हमले अमेरिका की मध्यस्थता से हुए समझौते के तहत हमास द्वारा एक इजराइली-अमेरिकी बंधक को रिहा किए जाने के एक दिन बाद और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सऊदी अरब यात्रा के बीच हुए हैं।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को कहा था कि इजराइल द्वारा गाजा में युद्ध रोकने का कोई सवाल ही नहीं उठता। नेतन्याहू के इस बयान के साथ ही संघर्ष विराम की उम्मीदों पर विराम लग गया।

इजराइली सेना ने हमलों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। हालांकि सेना ने मंगलवार देर रात जबालिया के निवासियों को क्षेत्र खाली करने की चेतावनी दी थी, जहां “रॉकेट लांचर समेत हमास के बुनियादी ढांचे मौजूद हैं।”

जबालिया में बचावकर्मियों ने मृत बच्चों के शवों को निकालने के लिए हाथ से औजारों का उपयोग करते हुए ढही हुई इमारत के मलबे को तोड़ा।

इजराइल ने गाजा में अभियान तेज करने की चेतावनी दी है।

मंगलवार को नेतन्याहू के कार्यालय की ओर जारी बयान में प्रधानमंत्री ने कहा कि इजराइली सेना वादे के अनुसार, बलों की संख्या बढ़ाने से बस कुछ ही दिन दूर है और वे हमास को खत्म करने के "मिशन को पूरा करने के लिए बड़ी ताकत के साथ गाजा में प्रवेश करेंगे.....।”

यह हमला ऐसे समय में किया गया है जब ऐसी उम्मीद है कि ट्रंप की पश्चिम एशिया यात्रा के दौरान युद्ध विराम समझौता हो सकता है या गाजा को मानवीय सहायता प्रदान की जा सकती है।

फ्रांस ने गाजा में मानवीय सहायता कर्मियों पर इजराइल की नाकेबंदी की निंदा की।

अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस सप्ताह के प्रारंभ में कड़ी चेतावनी जारी की थी कि यदि इजराइल ने नाकेबंदी नहीं हटाई तथा सैन्य अभियान नहीं रोका तो गाजा पट्टी में अकाल की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गाजा में सहायता पहुंचाए जाने से रोकने के नेतन्याहू के फैसले की कड़ी निंदा की और इसे "अपमानजनक" बताया।

मैक्रों ने मंगलवार शाम टीएफ1 राष्ट्रीय टेलीविजन पर कहा, "बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार आज जो कर रही है, वह अस्वीकार्य है। दवाएं खत्म हो चुकी हैं। हम घायलों को गाजा से बाहर नहीं निकाल सकते। चिकित्सक वहां नहीं जा सकते। वह जो कर रहे हैं, अपमानजनक है।"

उन्होंने मानवीय सहायता की आपूर्ति के लिए गाजा सीमा को पुनः खोलने का आह्वान किया।

भुखमरी के संकट की गंभीरता पर एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्राधिकरण ‘इंटीग्रेटेड फूड सिक्योरिटी फेज़ क्लासिफिकेशन’ के निष्कर्षों के अनुसार, लगभग पाँच लाख फलस्तीनी संभावित भुखमरी का सामना कर रहे हैं, भूख के “भयावह” कगार पर रह रहे हैं, जबकि अन्य दस लाख लोगों को मुश्किल से पर्याप्त भोजन मिल पाता है।

पिछले 10 हफ्तों से इजराइल ने सभी तरह के खाद्य, आश्रय, दवा और किसी भी अन्य सामान के फलस्तीनी क्षेत्र में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया है, तथा वह हवाई हमलों और जमीनी अभियानों को लगातार तेज करता रहा है।

गाजा की लगभग 23 लाख लोगों की आबादी जीवित रहने के लिए लगभग पूरी तरह से बाहरी सहायता पर निर्भर है, क्योंकि इजराइल के 19 महीने से चले आ रहे सैन्य अभियान ने क्षेत्र के अंदर भोजन उत्पादन की ज्यादातर क्षमता को खत्म कर दिया है।

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