नयी दिल्ली, तीन मार्च मैसूर रेशम, कांगड़ा चाय और तंजावुर चित्रकारी जैसे 429 उत्पादों को अब तक भौगोलिक संकेतक (जीआई) का दर्जा दिया गया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
जिन उत्पादों को जीआई दर्जा दिया गया है, उनमें 31 विदेशी वस्तुएं भी शामिल हैं।
मंत्रालय के तहत आने वाले उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने कहा कि इन उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए गए हैं।
डीपीआईआईटी ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट 2022-23 में कहा, ''भारत में अब तक कुल 429 जीआई पंजीकृत किए गए हैं। इनमें 31 विदेशी उत्पाद शामिल हैं।''
जीआई दर्जा मुख्य रूप से एक विशेष भौगोलिक क्षेत्र में तैयार होने वाले किसी कृषि, प्राकृतिक या विनिर्मित उत्पाद (हस्तशिल्प और औद्योगिक सामान) को दिया जाता है।
अब तक जिन उत्पादों को जीआई दर्जा दिया गया है, उनमें बासमती चावल, दार्जिलिंग चाय, चंदेरी कपड़ा, मैसूर रेशम, कुल्लू शॉल, कांगड़ा चाय, इलाहाबादी सुर्खा, फर्रुखाबादी छपाई और लखनऊ की जरदोजी शामिल हैं।
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