नयी दिल्ली, नौ अगस्त केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) के पास वेतन असमानता को लेकर कनिष्ठ कर्मचारियों की करीब 31 शिकायतें लंबित हैं।
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि केवीएस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज की तारीख तक, कनिष्ठ कर्मचारियों की वेतन असमानता को लेकर 31 शिकायतें लंबित हैं। उन्होंने बताया कि प्रसव के बाद शिशु देखभाल अवकाश और ड्यूटी ज्वाइन करने के समय में विस्तार की मंजूरी का कोई मामला लंबित नहीं है।
देवी ने बताया कि बीते पांच वर्ष के दौरान यानी 2018-19 से 2022-23 तक कनिष्ठ कर्मचारियों की वेतन असमानता संबंधी 79 शिकायतों का समाधान किया गया, 1,998 मामलों में शिशु देखभाल अवकाश की स्वीकृति दी गई और 244 मामलों में औचित्य एवं तत्कालीन प्रशासनिक आवश्यकता के आधार पर, प्रसव पश्चात ड्यूटी ज्वाइन करने के समय में विस्तार की अनुमति दी गई।
केवीएस के पास कनिष्ठ कर्मचारियों की वेतन असमानता, शिशु देखभाल अवकाश की मंजूरी और अपने कर्मचारियों के काम पर वापस आने के समय में विस्तार संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए एक ‘शिकायत निवारण तंत्र’ है।
उन्होंने कहा, ‘‘संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों के उपायुक्त कनिष्ठ कर्मचारियों के साथ वेतन असमानता के मामले पर निर्णय लेने के लिए नियुक्ति और सक्षम प्राधिकारी हैं। केवीएस ने प्रासंगिक नियमों के अनुसार शिकायतों के समय पर निपटान के लिए अत्यधिक सावधानी बरती है।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY