देश की खबरें | कोविड-19 के दौरान अदालतों में डिजिटल माध्यमों से मुकदमों की 25 लाख सुनवाई हुई :कानून मंत्रालय
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 महामारी को लेकर पाबंदियां लागू रहने के दौरान देशभर की अदालतों में डिजिटल माध्यमों से मुकदमों की करीब 25 लाख सुनवाई हुई है। इनमें 9,000 सुनवाई अकेले उच्चतम न्यायालय द्वारा की गई।

प्रसाद, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के न्याय मंत्रियों के एक डिजिटल सम्मेलन की मेजबानी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने कारोबार संवर्द्धन कानून एवं नियम बनाने को उच्च प्राथमिकता दी है, जिनमें वाणिज्यिक अदालत अधिनियम और मध्यस्थता कानून शामिल हैं। इनका उद्देश्य भारत को निवेश एवं कारोबार के लिये एक आकर्षक गंतव्य बनाना है।

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प्रसाद के अलावा सम्मेलन में कजाखस्तान, चीन, किर्गिज गणराज्य, रूस, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और पाकिस्तान के कानून एवं न्याय मंत्रालय के एक अधिकृत प्रतिनिधि शामिल हुए।

कानून मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक प्रसाद ने सभी लोगों को न्याय तक वहनीय एवं सहज पहुंच मुहैया करने के लिये सरकार द्वारा की गई कोशिशों का जिक्र किया।

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उन्होंने कहा कि 2017 में ‘टेली-लॉ’ (टेलीफोन पर कानूनी परामर्श) सेवाएं शुरू किये जाने के बाद से अब तक 3.44 लाख मुफ्त कानूनी परामर्श वीडियो कांफ्रेंस के जरिये गरीबों को दिये गये हैं।

प्रसाद ने वीडियो कांफ्रेंस की सुविधा के साथ ई-अदालत परियोजनाओं का भी जिक्र किया।

बयान में प्रसाद के हवाले से कहा गया है, ‘‘कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की विभिन्न अदालतों में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से 25 लाख से अधिक सुनवाई हुई, जिनमें 9,000 सुनवाई अकेले उच्चतम न्यायालय में ही हुई।’’

सम्मेलन में एक संयुक्त बयान भी स्वीकार किया गया। इसमें कहा गया है कि कानूनी सूचना के आदान-प्रदान के लिये एक ऑनलाइन मंच विकसित करने के लिये कोशिश जारी रखनी चाहिए।

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