ताजा खबरें | अफगानिस्तान, यूक्रेन, सूडान में भारतीय बचाव अभियान में 23,048 लोगों को सुरक्षित निकाला गया : सरकार

नयी दिल्ली, चार अगस्त सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा को बताया कि पिछले तीन वर्ष में अफगानिस्तान, यूक्रेन और सूडान में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए चलाये गए अभियान में कुल 23,048 लोगों को सुरक्षित निकाला गया जिनमें कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।

लोकसभा में मारगनी भगत, जी माधवी और चिंता अनुराधा के प्रश्न के लिखित उत्तर में विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने यह जानकारी दी। सदस्यों ने विगत पांच वर्षों के दौरान विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा किए गए उपायों एवं बचाए गए भारतीयों का ब्यौरा मांगा था।

केंद्रीय मंत्री मुरलीधरन ने बताया कि विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिक पिछले पांच वर्षों के दौरान कोविड-19 के कारण उड़ान प्रतिबंधों और अफगानिस्तान, यूक्रेन तथा सूडान की स्थिति के कारण विदेश में फंस गए थे।

उन्होंने बताया, ‘‘ सरकार विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा, हिफाजत और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। कोविड-19 के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाएं निलंबित कर दी गयी थीं और ‘एयर बबल’ एवं वंदे भारत मिशन के माध्यम से विशेष व्यवस्था की गई थी।’’

‘एयर बबल’ व्यवस्था कोविड-19 के कारण लागू लॉकडाउन के समय भारत और अन्य देशों के बीच वाणिज्यिक यात्री सेवाओं को फिर से शुरू करने की अस्थायी व्यवस्था थी।

मुरलीधरन ने बताया कि सरकार ने अफगानिस्तान, यूक्रेन और सूडान में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए क्रमश: अगस्त 2021 में ऑपरेशन देवी शक्ति, फरवरी 2022 में ऑपरेशन गंगा और अप्रैल 2023 में ऑपरेशन कावेरी शुरू किया था।

उन्होंने कहा कि युद्ध और संघर्ष के कारण विस्थापितों के लिए सुरक्षित आश्रय, भोजन और आंतरिक परिवहन सहित सुरक्षा एवं रसद एक चुनौती बन गई थी। विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार इन स्थानों पर फंसे हुए भारतीयों को सफलतापूर्वक निकालने में सक्षम रही।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 में अफगानिस्तान में ऑपरेशन देवी शक्ति अभियान के दौरान 206 अफगानी नागरिकों सहित 669 लोग निकाले गए। यूक्रेन में वर्ष 2022 में ऑपरेशन गंगा अभियान के दौरान 18,282 लोग और वर्ष 2023 में सूडान में ऑपरेशन कावेरी के माध्यम से 136 विदेशी नागरिकों सहित 4,097 लोग सुरक्षित निकाले गए।

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