नयी दिल्ली, चार सितंबर दिल्ली की एक अदालत ने 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से संबंधित एक मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को जमानत दे दी।
यह मामला कथित आपराधिक साजिश, गैरकानूनी सभा और हत्या के प्रयास से संबंधित है।
अदालत ने कहा कि पिछले साल नवंबर में मामले में हुसैन की जमानत याचिका खारिज होने के बाद, ‘‘जमीनी परिस्थितियों में बदलाव’’ आया है।
जमानत मिलने के बावजूद हुसैन अभी जेल में ही रहेंगे क्योंकि वह दंगे के अन्य मामलों में भी आरोपी हैं, जिनमें गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज मामला भी शामिल है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने शनिवार को पारित एक आदेश में कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने 12 जुलाई को दंगे के पांच मामलों में हुसैन को जमानत दे दी थी।
अदालत ने हुसैन को एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर राहत दे दी।
अदालत ने जमानत के साथ कुछ शर्ते भी तय की हैं जिनमें देश छोड़ने पर रोक, गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करना और अदालत को अपना मोबाइल फोन नंबर उपलब्ध कराना शामिल हैं।
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