जरुरी जानकारी | लघु, मझोले उद्योगों को ऋण गारंटी योजना के तहत 2.05 लाख करोड़ रुपये कर्ज मंजूर

नयी दिल्ली, 11 दिसंबर कोविड-19 महामारी से पैदा हुई बाधाओं से प्रभावित सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्योगों (एमएसएमई) की मदद के लिये शुरू की गई आकस्मिक ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत अब तक 81 लाख एमएसएमई खातों में 2.05 लाख करोड़ रुपये के ऋण मंजूर किए जा चुके हैं। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज की पहली किस्त में एमएसएमई क्षेत्र के लिए तीन लाख करोड़ रुपये की आकस्मिक ऋण सुविधा गारंटी योजना की घोषणा की थी। योजना में कर्ज के लिये गारंटी सरकार की तरफ से दी गई है। योजना के लिए वित्त वर्ष 2020-21 की पहली अनुपूरक अनुदान मांगों में 4,000 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया।

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वित्त मंत्रालय ने एक के बाद एक ट्वीट कर जानकारी दी कि चार दिसंबर तक 40 लाख एमएसएमई खातों में 1,58,626 करोड़ रुपये का ऋण वितरित कर दिया गया।

पिछले महीने आत्मनिर्भर भारत पैकेज की तीसरी किस्तों की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि ईसीएलजीएस के पहले चरण में 2.05 लाख करोड़ रुपये के ऋण मंजूर किये गये हैं जबकि 1.52 लाख करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है।’’

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आत्मनिर्भर भारत अभियान की तीसरी किस्त की घोषणा 12 नवंबर को की गयी। ईसीएलजीएस योजना का दायरा ईसीएलजीएस के दूसरे चरण के साथ 26 और दबाव वाले क्षेत्रों के लिए बढ़ा दिया गया।

ईसीएलजीएस के दूसरे चरण के तहत 29 फरवरी 2020 तक 50 करोड़ रुपये से अधिक लेकिन अधिकतम 500 करोड़ रुपये का बकाया ऋण रखने वाली इकाइयां ही योजना का लाभ ले सकेंगी। 29 फरवरी 2020 को रिण की यह स्थिति 30 दिन अथवा उससे कम समय की होनी चाहिये। इसके तहत ऋण की मियाद पांच साल होगी जिसमें 12 महीने तक मूलधन के भुगतान पर छूट का फायदा मिलेगा।

ईसीएलजीएस के दोनों चरण कुल मिलाकर 31 मार्च 2021 तक मान्य रहेंगे।

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