देश की खबरें | सीआरपीएफ में 2018 से जवानों द्वारा 18 साथी कर्मियों की हत्या : अधिकारी

नयी दिल्ली, नौ नवंबर छत्तीसगढ़ में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान द्वारा साथी जवानों की हत्या की हाल की घटना के मद्देनजर देश के इस सबसे बड़े अर्द्धसैनिक बल ने अपनी 'फॉर्मेशन्स' को जवानों में मानसिक एवं भावनात्मक तनाव का पता लगाने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सोमवार को सीआरपीएफ के एक शिविर में ​एक जवान ने अपने साथियों पर गोलीबारी कर दी थी, जिसमें चार जवान मारे गये और तीन अन्य घायल हो गये। इसी घटना की पृष्ठभूमि में यह परामर्श जारी किया गया है। 2018 के बाद से किसी जवान द्वारा साथी कर्मी की हत्या की 13 घटनाओं में 18 लोगों की मौत हो चुकी है।

अधिकारियों ने बताया कि जवानों में मानसिक और भावनात्मक तनाव का पता लगाने के दिशा-निर्देश एवं उपायों को दोहराया गया है।

बल में इस साल इस तरह की पांच घटनाओं में छह लोगों की मौत हो चुकी है।

सीआरपीएफ महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी सोमवार को सुकमा में घटी घटना के मद्देनजर हालात का जायजा लेने के लिए छत्तीसगढ़ का दौरा कर रहे हैं।

घटना के बाद सीआरपीएफ के एक प्रवक्ता ने कहा था कि प्रथमदृष्टया ऐसा लगता है कि आकस्मिक मनोवैज्ञानिक असंतुलन की वजह से हुए भावनात्मक तनाव के कारण कांस्टेबल रीतेश रंजन ने अपना नियंत्रण खो दिया और गुस्से में अपने सहकर्मियों पर गोली चला दी।

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