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उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के लिए फिलहाल 1730 लोगों का चल रहा है इलाज

प्रसाद ने बताया कि कल 5833 नमूनों की जांच की गयी जो अब तक की सार्वधिक संख्या है। उन्होंने बताया कि राज्य में अभी तक हमने डेढ़ लाख से ज्यादा नमूनों की जांच की है। प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में अभी तक सरकारी और निजी प्रयोगशालाओं ने एक लाख 53 हजार 139 नमूनों की जांच की है।

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के लिए फिलहाल 1730 लोगों का चल रहा है इलाज
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प्रमुख सचिव :चिकित्सा एवं स्वास्थ्य: अमित मोहन प्रसाद ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के लिए 1730 लोगों का इलाज चल रहा है। अभी तक इलाज के बाद 1973 लोग संक्रमण मुक्त होकर अपने घर जा चुके हैं।’’

प्रसाद ने बताया कि कल 5833 नमूनों की जांच की गयी जो अब तक की सार्वधिक संख्या है। उन्होंने बताया कि राज्य में अभी तक हमने डेढ़ लाख से ज्यादा नमूनों की जांच की है। प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में अभी तक सरकारी और निजी प्रयोगशालाओं ने एक लाख 53 हजार 139 नमूनों की जांच की है।

उन्होंने बताया कि कल 370 पूल की जांच की गई, जिनमें से 27 में संक्रमण की पुष्टि हुई।

पूल टेस्टिंग में कई लोगों के नमूनों की इकट्ठी जांच होती है और यदि किसी पूल में संक्रमण की पुष्टि होती है तो उसमें शामिल सभी लोगों के नमूनों की अलग-अलग जांच कर संक्रमित व्यक्ति का पता लगाया जाता है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की 73, 131 लोगों की टीम ने 60 लाख 66 हजार से अधिक घरों में तीन करोड़ एक लाख 14 हजार से अधिक लोगों का सर्वेक्षण किया है।

उन्होंने बताया कि एल—1, एल—2 अैर एल—3 त्रिस्तरीय व्यवस्था के तहत 55 हजार बिस्तर तैयार किये गये हैं, जिनमें से 1823 बिस्तरों पर कारोना वायरस से संक्रमित लोग भर्ती हैं जबकि 9834 लोगों को पृथक-वास केन्द्रों में रखा गया है।

प्रसाद ने कहा, ‘‘सामुदायिक सर्विलांस/निगरानी को मजबूती के साथ लागू जा रहा है। अन्य प्रदेशों से आ रहे प्रवासी श्रमिकों और कामगारों में कई लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई हैं। अगर श्रमिक लक्षणरहित हैं तो उन्हें 21 दिन के गृह पृथक-वास में रखा जा रहा है। उनसे अनुरोध है कि वे इस अवधि में घर में ही रहें। ग्राम निगरानी एवं मोहल्ला निगरानी समितियां सुनिश्चित करें कि जिन्हें गृह पृथक-वास में रखा जा रहा है वे इसका पूरा-पूरा पालन करें।’’

प्रसाद ने कहा, ‘‘कोविड-19 एक संक्रामक बीमारी है। अगर किसी को होती है तो उसके प्रति दुर्भावना नहीं पालनी चाहिए। यह संक्रमण किसी भी उम्र, जाति एवं धर्म के व्यक्ति को हो सकता है। अगर किसी में लक्षण आयें तो वह खुद ही आगे आकर सरकारी चिकित्सालय में जाए और परीक्षण कराये। अगर जांच में संक्रमण पाया जाता है तो सरकार की ओर से जांच एवं चिकित्सा की मुफ्त व्यवस्था है।’’

उन्होंने जनता से अपील की कि आसपास के किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण नजर आ रहे हों, तो उसे अस्पताल जाने और जांच कराने के लिए प्रेरित करें।

प्रसाद ने कहा कि चेहरे और मुंह को मास्क, गमछे, दुपट्टे, रूमाल आदि से ढंक कर रखें। उन्होंने कहा कि साबुन और पानी से हाथों को बार-बार धोएं तथा एक-दूसरे से दो गज की दूरी बनाये रखें।

बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों से दूरी बनाकर रखें ताकि उन्हें संक्रमण ना होने पाये। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने के उपाय करते रहें।

अमृत अर्पणा

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(The above story first appeared on LatestLY on May 14, 2020 05:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).