नयी दिल्ली, 19 मई भारतीय रेल ने मंगलवार को कहा कि एक मई से लेकर अब तक 1,595 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई जा चुकी हैं और 21 लाख प्रवासियों को उनके घर पहुंचाया गया है।
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने एक ट्वीट में कहा कि उत्तर प्रदेश ने 837 ट्रेन, बिहार ने 428 और मध्य प्रदेश ने सौ से अधिक ट्रेनों को अनुमति दी।
पंजाब से 188 ट्रेन, कर्नाटक से 89, तमिलनाडु से 61, तेलंगाना से 58, राजस्थान से 54, हरियाणा से 41 और उत्तर प्रदेश से 38 ट्रेन चलाई गईं।
उत्तर प्रदेश में अधिकतम 641 से अधिक ट्रेन अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच चुकी हैं और 73 ट्रेन रास्ते में हैं।
बिहार में 310 ट्रेन गंतव्य पर पहुंच चुकी हैं और 53 अभी रास्ते में हैं।
मंगलवार को रेलवे ने यह भी कहा कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए अब ट्रेन के गंतव्य स्थान वाले राज्यों की सहमति लेना जरूरी नहीं है।
केंद्र सरकार ने एक मानक संचालन प्रकिया (एसओपी) जारी की है जिसके तहत गृह मंत्रालय से परामर्श लेने के बाद रेल मंत्रालय श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने की अनुमति देगा।
रेलवे के प्रवक्ता राजेश दत्त वाजपेयी ने कहा, “श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए गंतव्य स्थान वाले राज्य की सहमति आवश्यक नहीं है। नई एसओपी आने के बाद इन राज्यों से सहमति लेना अनिवार्य नहीं है।”
अधिकारियों ने कहा कि गंतव्य स्थान वाले राज्यों की सहमति की जरूरत न होने से प्रवासियों का आवागमन आसानी से हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि अब केवल उन राज्यों से सहमति लेनी होगी जहां से ट्रेन प्रस्थान करेगी।
उन्होंने कहा कि बाकी बचे प्रवासियों को उनके घर पहुंचाने के लिए रेलवे की अगले सप्ताह तक ऐसी तीन सौ ट्रेन चलाने की योजना है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)













QuickLY