देश की खबरें | इडुक्की जिले के राजमाला में भूस्खलन में 15 की मौत, 50 से अधिक लापता
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि मलबे में फंसे 15 लोगों को बचाया गया है और राहत कार्यों में समन्वय के लिए एक विशेष अधिकारी को नियुक्त किया गया है।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि मलबे में फंसे 15 लोगों को बचाया गया है और राहत कार्यों में समन्वय के लिए एक विशेष अधिकारी को नियुक्त किया गया है।
यह हादसा शुक्रवार तड़के हुआ जिसमें मिट्टी का टीला मजदूरों के कच्चे घरों पर गिरा। इन मजदूरों में अधिकतर तमिलनाडु के बागान श्रमिक थे। हादसे में दो बच्चों और पांच महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भूस्खलन में जानमाल के नुकसान पर शोक व्यक्त किया।
तीन घायलों को एर्नाकुलम जिले के कोलेनचेरी में एक निजी अस्पताल और एक को टाटा जनरल अस्पताल मे भर्ती कराया गया है।
मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं को बताया कि इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई।
इस त्रासदी में श्रमिकों की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए, मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को पांच-पाच लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि घायलों के इलाज का खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर बताया कि मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष से दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
इसके साथ ही घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘इडुक्की में भूस्खलन में हुई जान की क्षति से दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।’’
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा कि केरल के इडुक्की में भूस्खलन से प्रभावित हुए लोगों को राहत पहुंचाने में स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) का एक दल वहां पहुंच गया है।
केरल के वायनाड संसदीय क्षेत्र से सांसद ने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं, वे राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग करें। ’’
राज्य में एक जून से लेकर अब तक बारिश संबंधी हादसों में कुल 51 लोगों की जान जा चुकी है। पलक्कड़ में शुक्रवार को घर ढहने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।
पिछले 24 घंटों में जिले में अधिकतम 26.1 सेमी बारिश दर्ज की गई। कई अन्य जिलों में भी 10 सेंटीमीटर से अधिक बारिश हुई। एक चौकीदार द्वारा भूस्खलन के बारे में अधिकारियों को सूचित करने के बाद लोगों को इस हादसे की जानकारी मिली। पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में संचार लाइनें प्रभावित हुई हैं। बारिश के बीच पुलिस और अग्निशमन कर्मियों और स्थानीय लोगों ने बचाव अभियान शुरू किया।
पुलिस और दमकल कर्मी मौके पर मौजूद हैं और जिला प्रशासन ने अस्पतालों से भी हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा है।
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने 15 एम्बुलेंस और एक विशेष चिकित्सक दल को रवाना किया है।
इस बीच, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने वायुसेना से सम्पर्क कर इडुक्की में बचाव अभियान में मदद के लिए उनके हेलीकॉप्टर की मांग की।
विजयन ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को इडुक्की में बचाव अभियान में लगाया गया है। दल पहले ही जिले में मौजूद था। त्रिशूर से एनडीआरएफ की एक और टीम को इडुक्की जाने को कहा गया है।’’
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने इलाके में ‘रेड अलर्ट’ भी घोषित कर दिया है।
इस बीच, मुन्नार के विधायक एस राजेंद्रन ने मीडिया को बताया कि क्षेत्र से सम्पर्क स्थापित करने वाले पुल के बारिश में बह जाने के कारण घटनास्थल पर पहुंचने में परेशानी आ रही है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 07, 2020 10:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

