तिरुवनंतपुरम, दो अगस्त केरल के वायनाड में हुए विनाशकारी भूस्खलन में बचे लोगों को मनोवैज्ञानिक संबल प्रदान करने के लिए एक मानसिक स्वास्थ्य आपदा प्रबंधन टीम का गठन किया गया है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
जॉर्ज ने कहा कि केरल के पहाड़ी जिले में हुई त्रासदी के तुरंत बाद मंगलवार को मनोचिकित्सकों, नैदानिक मनोवैज्ञानिकों, मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं और परामर्शदाताओं की 121 सदस्यीय टीम गठित की गई थी।
उन्होंने कहा कि केवल स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र वाले विशेष दल के सदस्यों को ही राहत शिविरों में लोगों और विभिन्न अस्पतालों में भर्ती लोगों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने की अनुमति दी जाएगी।
टीम ने सभी अस्पतालों और राहत शिविरों में सहायता डेस्क स्थापित किए हैं।
मंत्री ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘मानसिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता हादसे में जीवित बचे लोगों की चिंताओं को सुनेंगे और उन्हें सांत्वना देंगे। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी।’’
स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि आपदा के कारण होने वाले अवसाद और चिंता पर दीर्घकालिक ध्यान देने की आवश्यकता हो सकती है।
टीम उन लोगों की भी पहचान करेगी जिन्हें मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं और यह सुनिश्चित करेगी कि उनका उपचार बाधित न हो।
राज्य के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, वायनाड जिले में भूस्खलन की घटनाओं में मरने वालों की संख्या 201 पर पहुंच गई है जबकि 264 लोग घायल हुए हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY