ताजा खबरें | भारत में 2017 और 2018 में 1,198 लोगों को रासुका के तहत हिरासत में लिया गया

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. सरकार ने बुधवार को बताया कि वर्ष 2017 और 2018 में देश भर में 1,198 लोगों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया गया। इनमें से बोर्डों की समीक्षा के बाद 635 लोगों को रिहा कर दिया गया तथा 563 लोग अब तक हिरासत में हैं।

नयी दिल्ली, 16 सितंबर सरकार ने बुधवार को बताया कि वर्ष 2017 और 2018 में देश भर में 1,198 लोगों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया गया। इनमें से बोर्डों की समीक्षा के बाद 635 लोगों को रिहा कर दिया गया तथा 563 लोग अब तक हिरासत में हैं।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित जवाब में यह भी बताया कि पिछले दिनों राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की 2018 की रिपोर्ट प्रकाशित हुई है जिसमें बताया गया है कि मध्यप्रदेश में रासुका के तहत साल 2017, और 2018 में सर्वाधिक संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया। इसके बाद उत्तर प्रदेश का स्थान है।

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उन्होंने बताया कि कठोर कानून रासुका के तहत 2017 में पूरे देश में 501 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें से 229 लोगों को बोर्डों की समीक्षा के बाद रिहा कर दिया गया। कुल 272 लोग अब तक हिरासत में हैं।

मंत्री ने बताया कि इसी प्रकार साल 2018 में 697 लोगों को रासुका के तहत हिरासत में लिया गया। इनमें से 406 को बोर्डों की समीक्षा के बाद रिहा कर दिया गया जबकि 291 लोग अब तक हिरासत में हैं।

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मध्यप्रदेश में 2017 और 2018 में रासुका के तहत 795 लोग हिरासत में लिए गए जिनमें से बोर्डों की समीक्षा के बाद 466 लोगों को रिहा कर दिया गया। फिलहाल 329 लोग हिरासत मे हैं।

उत्तर प्रदेश में रासुका के तहत 2017 और 2018 में 338 लोगों को हिरासत में लिया गया। बोर्डों की समीक्षा के बाद इनमे से 150 को रिहा कर दिया गया और 188 लोग अभी भी हिरासत में हैं।

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