विदेश की खबरें | रूस के साइबेरिया में कोयला खदान में आग लगने से 11 लोगों की मौत, 40 से अधिक घायल

खदान के प्रशासकों ने ‘इंटरफैक्स समाचार एजेंसी’ को बताया कि विस्फोट की आशंका के कारण बृहस्पतिवार दोपहर खदान में फंसे लोगों को बचाने के प्रयास रोक दिए गए और बचाव दल को खदान से बाहर निकाल लिया गया।

आग दक्षिण-पश्चिमी साइबेरिया के केमेरोवो क्षेत्र में लगी। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ ने एक अज्ञात आपातकालीन अधिकारी के हवाला से बताया कि कोयले की धूल में आग लग गई, और उसका धुआं वेंटिलेशन सिस्टम के माध्यम से लिट्सव्याजहन्या खदान में तेजी से भर गया।

केमेरोवो के गवर्नर सर्गेई सिविलोव ने मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम के अपने पेज पर बताया कि घटना के समय कुल 285 लोग खदान में थे। उन्होंने कहा कि खदान में अब भी 35 खनिक फंसे हुए हैं। सिविलोव ने कहा, ‘‘49 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।’’

इससे पहले, बृहस्पतिवार को आपातकालीन स्थितियों के लिए रूस के कार्यवाहक मंत्री अलेक्जेंडर चुप्रियन ने कहा कि 44 खनिकों को आई चोटों को लेकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विभिन्न अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी में घायलों की संख्या में विरोधाभास को अभी दूर नहीं किया जा सका है।

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हादसे में मारे गए खनिकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और सरकार को घायलों को सभी आवश्यक सहायता मुहैया कराने के लिये कहा। पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने संवाददाताओं को यह जानकारी दी।

वर्ष 2016 में रूस के सुदूर उत्तर में एक कोयला खदान में मीथेन गैस विस्फोट में 36 खनिक मारे गए थे। घटना के मद्देनजर, अधिकारियों ने देश की 58 कोयला खदानों की सुरक्षा का विश्लेषण किया और उनमें से 20 या 34 प्रतिशत को संभावित रूप से असुरक्षित घोषित किया। हालांकि उस समय लिट्सव्याजहन्या खदान को असुरक्षित खदानों की श्रेणी में नहीं रखा गया था।

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