देश की खबरें | कपास और मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलने पर राजमार्गों पर उतरेंगे 10,000 किसान : बीकेएस
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पश्चिमी मध्यप्रदेश में किसानों को कपास और मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं मिलने का दावा करते हुए भारतीय किसान संघ (बीकेएस) ने सोमवार को घोषणा की कि वह मंगलवार को कुल 10,000 कृषकों को जुटाकर सूबे के दो राजमार्गों पर विरोध प्रदर्शन करेगा।
इंदौर, 14 दिसंबर पश्चिमी मध्यप्रदेश में किसानों को कपास और मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं मिलने का दावा करते हुए भारतीय किसान संघ (बीकेएस) ने सोमवार को घोषणा की कि वह मंगलवार को कुल 10,000 कृषकों को जुटाकर सूबे के दो राजमार्गों पर विरोध प्रदर्शन करेगा।
बीकेएस के मालवा प्रांत (इंदौर-उज्जैन संभाग) के अध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने कहा, "देश के प्रमुख कपास उत्पादक इलाकों में गिने जाने वाले पश्चिमी मध्यप्रदेश में किसान अपनी यह फसल एमएसपी के नीचे बेचने को मजबूर हैं। इस अंचल में कई स्थानों पर भारतीय कपास निगम (सीसीआई) के खरीदी केंद्र तक शुरू नहीं हो सके हैं।"
उन्होंने कहा, "पश्चिमी मध्यप्रदेश में मक्का भी एमएसपी के काफी नीचे बिक रही है। इस अंचल में मौसमी कहर और कीट प्रकोप से किसानों की मिर्च की फसल बर्बाद हो गई है। लेकिन उन्हें अब तक इसका मुआवजा नहीं मिला है।"
आंजना ने बताया कि बीकेएस के आह्वान पर मंगलवार को कुल 10,000 किसान धार जिले के खलघाट में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या -तीन (आगरा-मुंबई रोड) और खंडवा जिले के छैगांवमाखन में इंदौर-इच्छापुर स्टेट हाईवे पर अपनी सितंबर से उठाई जा रही मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) समर्थित बीकेएस ऐसे मौके पर यह प्रदर्शन करने जा रहा है, जब सूबे में सत्तारूढ़ भाजपा नये कृषि कानूनों के समर्थन में मंगलवार और बुधवार को संभागीय मुख्यालयों पर किसान सम्मेलन आयोजित करने वाली है। आंजना ने कहा, "बीकेएस स्पष्ट तौर पर पहले ही कह चुका है कि नये कृषि कानूनों में कुछ बदलाव होने चाहिए। हम एमएसपी पर फसल खरीद सुनिश्चित किए जाने और अन्य मांगों को लेकर मध्यप्रदेश से प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को करीब चार लाख पत्र भी भेज चुके हैं।"
इस बीच, राज्य भाजपा इकाई के पूर्व अध्यक्ष और खंडवा लोकसभा क्षेत्र के वर्तमान सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ने सोमवार को इंदौर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में नये कृषि कानूनों को किसानों के हित में बताया।
उन्होंने कहा, "केंद्र की नरेंद्र मोदी नीत सरकार ने गुजरे छह साल के दौरान किसानों के व्यापक हितों में जो काम किए, वे काम कांग्रेस की पिछली सरकारें 60 साल में भी नहीं कर पाईं।"
चौहान, पश्चिमी मध्यप्रदेश से ही ताल्लुक रखते हैं। इस क्षेत्र में कपास की फसल के एमएसपी से नीचे बिकने के बारे में पूछे जाने पर भाजपा सांसद ने कहा, "हालिया बारिश के कारण कपास की फसल में नमी के कारण (एमएसपी पर) इसकी खरीदी को लेकर कुछ व्यावधान आया है।"
चौहान ने एक सवाल पर कहा, "देश में लोकतंत्र है और अगर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा बीकेएस किसानों के मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहा है, तो यह उसके एक जीवित संगठन होने का प्रमाण है।"
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