कोच्चि, छह अक्टूबर केरल सोना तस्करी मामले के दो मुख्य षडयंत्रकारी फैसल फरीद और रबिन्स हमीद को यूएई में गिरफ्तार किया गया है।
मामले में आतंकी पहलू की तहकीकात कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
यह भी पढ़े | Power Supply Crisis in Uttar Pradesh: यूपी की योगी सरकार ने 15 जनवरी तक टाला बिजली के निजीकरण का फैसला.
एजेंसी ने यहां विशेष एनआईए अदालत को बताया कि यह सूचना यूएई के अधिकारियों ने दी है। एनआईए की टींम मामले में जांच के सिलसिले में अगस्त में दुबई गई थी, उस दौरान एजेंसी को मुख्य षडयंत्रकारियों की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी दी गई।
एजेंसी ने बताया कि एनआईए की टीम की वहां की शुरुआती यात्रा के दौरान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि तीसरे नम्बर के आरोपी फरीद और 10 नम्बर के आरोपी हमीद को गिरफ्तार कर लिया गया है। सभी साजिशकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि "आरोपियों ने भारत और यूएई के दोस्ताना ताल्लुकातों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है।"
एनआईए ने उक्त बातें मामले में सातवें नम्बर के आरोपी पी मोहम्मद शफी की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहीं हैं।
एजेंसी ने कहा कि यूएई के अधिकारियों ने यह भी बताया कि फरीद और हमीद ने भारत में गिरफ्तार किए गए अन्य अभियुक्तों के साथ मिलकर साजिश के तहत जुर्म को अंजाम दिया और यूएई फरार हो गए। उन सभी ने जानते बूझते तिरुवनंतपुरम में स्थित यूएई के वाणिज्य दूतावास के राजनयिक कार्गो के जरिए सोने की तस्करी की और इसके लिए जाली प्राधिकृत प्रमाण पत्र बनाए या यूएई के राजनयिकों से छल से इन्हें हासिल किया।
एजेंसी ने कहा कि एनआईए अदालत द्वारा जारी गैर जमानती वारंट के आधार पर फरार आरोपियों के खिलाफ इंटरपोल का ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि उनकी भारत में मौजूदगी सुनिश्चित की जा सके। फरार आरोपियों में फरीद, हमीद, सिद्दीक उल अकबर, अहमद कुट्टी, राजू उर्फ रथीस और मोहम्मद शमीर शामिल हैं।
एनआईए ने यह भी बताया कि यूएई से सबूत हासिल करने के लिए परस्पर कानूनी सहायता अनुरोध को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस मामले में बड़ा लेन-देन, खासकर हवाला के जरिए वित्त पोषित करना, तस्करी किए गए सोने की खरीद आदि चीजें यूएई में हुई हैं।
उसने कहा कि भारत में जांच के जरिए हासिल किए तथ्यों के आधार पर सबूतों को इकट्ठा किया जाना है। इसके लिए एनआईए के अधिकारी यूएई की और यात्राएं करेंगे। वे तस्करी किए गए सोने का स्रोत, अन्य की संलिप्तता, भारतीय की आर्थिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाना और यूएई से अपराध करने में मदद करने वालो के संबंध में साक्ष्यों को एकत्रित करेंगे।
शफी की जमानत याचिका का विरोध करते हुए एनआईए ने कहा कि वह तस्करी का मुख्य आरोपी है और उसने अन्य आरोपी रमीज के साथ मिलकर यूएई के वाणिज्य दूतावास के राजनयिक सामान के जरिए नवंबर 2019 से 21 बार सोने की तस्करी की है। उसने भारत की आर्थिक सुरक्षा को खतरे में डालने की मंशा से यह किया है।
तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पांच जुलाई को "राजनयिक सामान" से 15 करोड़ रुपये का सोना जब्त किया गया था जिसकी जांच एनआईए, सीमा शुल्क और प्रवर्तन निदेशालय कर रहे हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY