नयी दिल्ली, 16 जुलाई वित्त मंत्रालय ने 3 लाख करोड़ रुपये की आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को 1.23 लाख करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया है। कोविड-19 महामारी से एमएमएसई क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि मंजूर राशि में से बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों ने इस योजना के तहत एमएसएमई इकाइयों को 15 जुलाई तक 68,311 करोड़ रुपये वितरित किए हैं।
यह भी पढ़े | जान्हवी कपूर की 'गुंजन सक्सेना' की रिलीज डेट आई सामने, इस दिन देख सकेंगे दर्शक.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिये पिछले महीने 20 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा की थी। इस पैकेज का सबसे बड़ा हिस्सा सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों के लिये घोषित तीन लाख करोड़ रुपये की आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना है।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी ताजा ईसीएलजीएस आंकड़ों में 12 सरकारी बैंकों, 22 निजी बैंकों और 21 गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थानों (एनबीएफसी) के द्वारा वितरित किये गये ऋण शामिल हैं।
यह भी पढ़े | महाराष्ट्र: पुणे की येरवडा जेल से 5 कैदी फरार, अस्थायी जेल की खिड़की की सलाखें तोड़कर भागे.
सीतारमण ने एक ट्वीट में कहा, "15 जुलाई तक सरकारी और निजी बैंकों ने 100 प्रतिशत आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना के तहत 1,23,345.16 करोड़ रुपये के ऋण मंजूर किये। इसमें से 68,311.55 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है।’’
उन्होंने कहा कि 15 जुलाई तक सरकारी बैंकों ने 69,135.19 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया है जबकि 41,819 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है। निजी क्षेत्र के बैंकों ने अभी तक इस योजना के तहत 54,209.97 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया है और 26,492 करोड़ रुपये का वितरण किया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि नौ जुलाई, 2020 की तुलना में कुल मंजूर ऋण राशि में 3,245.79 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है, जबकि इस दौरान ऋण वितरण 6,323.65 करोड़ रुपये बढ़ा है।
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अब तक 20,910 करोड़ रुपये का कर्ज मंजूर किया है, जबकि उसने 14,362 करोड़ रुपये का ऋण बांटा है। इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने 9,121 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया है जबकि उसका ऋण वितरण 4,032 करोड़ रुपये रहा है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 20 मई को एमएसएमई क्षेत्र के लिये आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना के माध्यम से 9.25 प्रतिशत की रियायती दर पर तीन लाख करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त वित्त पोषण को मंजूरी दी थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY