कोलकाता, छह अक्टूबर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के आदिवासी क्षेत्र जंगलमहल में माओवादी हिंसा के कारण जान गंवा चुके या लापता हुए लोगों के परिजन के लिए मंगलवार को मुआवजे के तौर पर नौकरी और वित्तीय सहायता की घोषणा की।
बनर्जी ने क्षेत्र में जानवरों द्वारा मारे गए लोगों के परिवार वालों के लिए भी नौकरी की घोषणा की।
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मुख्यमंत्री ने कहा, “माओवादी हिंसा के कारण जिनकी मौत हुई या एक दशक से अधिक समय से लापता हैं, उनके परिवार के एक सदस्य को चार लाख रुपये मुआवजा और राज्य के होमगार्ड बल में एक नौकरी दी जाएगी।”
पश्चिमी मिदनापुर जिले के खड़गपुर क्षेत्र में एक प्रशासनिक बैठक में बनर्जी ने कहा, “क्षेत्र में हाथियों के हमले में मारे गए लोगों के परिवार के एक सदस्य को भी नौकरी दी जाएगी।”
जंगलमहल आदिवासी क्षेत्र में पश्चिमी मिदनापुर, पुरुलिया, बांकुड़ा और झाड़ग्राम जिले आते हैं।
यह क्षेत्र 2008 से 2012 तक माओवादी हिंसा से प्रभावित रहा है।
केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन पर बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार पूरा पैसा दे तो राज्य इसे क्रियान्वित करने को तैयार है।
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