प्रत्यर्पण के खिलाफ ब्रिटेन की सर्वोच्च अदालत में अपील की अनुमति के लिए माल्या का आवेदन अस्वीकृत
माल्या के लिये यह बड़ा झटका है, क्योंकि बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइन्स के कर्ज से संबंधित धोखाधड़ी और धनशोधन के मामले में भारत प्रत्यर्पण के आदेश के खिलाफ उसकी अपील हाई कोर्ट में पिछले महीने ही खारिज हो गई थी।
लंदन, 14 मई ब्रिटेन की सर्वोच्च अदालत में प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील की अनुमति मांगने वाला विजय माल्या का आवेदन अस्वीकृत हो गया है।
माल्या के लिये यह बड़ा झटका है, क्योंकि बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइन्स के कर्ज से संबंधित धोखाधड़ी और धनशोधन के मामले में भारत प्रत्यर्पण के आदेश के खिलाफ उसकी अपील हाई कोर्ट में पिछले महीने ही खारिज हो गई थी।
माल्या (64 वर्षीय) के पास हाई कोर्ट के फैसले के बाद से इससे भी ऊंची अदालत में जाने की अनुमति मांगने का आवेदन दाखिल करने के लिए 20 अप्रैल से लेकर 14 दिन का समय था। हाई कोर्ट ने ब्रिटेन के गृह मंत्री द्वारा प्रमाणित वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत के प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ माल्या की अपील खारिज कर दी थी।
ताजा फैसला अब पुन: प्रमाणन के लिए वापस जाएगा और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया 28 दिन के भीतर शुरू करनी होगी।
ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) ने कहा कि माल्या की विधि के प्रश्न (प्वाइंट ऑफ लॉ) को प्रमाणित करने की अपील सभी तीनों आधारों पर खारिज हो गयी, जिनमें मौखिक दलीलों पर सुनवाई, तैयार किये गये सवालों पर प्रमाणपत्र देना और सुप्रीम कोर्ट में अपील के लिए अनुमति देना शामिल हैं।
अपील के लिये आवेदन पर भारत सरकार की प्रतिक्रिया इस सप्ताह की शुरूआत में पेश की जा चुकी है।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 14, 2020 05:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

