पटियाला, छह अक्टूबर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को नये कृषि कानूनों को लेकर केंद्र पर हमला करते हुए कहा कि देश में क्या हो रहा है, इससे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘‘कोई फर्क नहीं पड़ता है’’ और वह केवल ‘‘अपनी छवि बचाते’’ हैं।
गांधी अपनी तीन दिवसीय ‘खेती बचाओ यात्रा’ के तहत पंजाब में थे जिस दौरान उन्होंने तीन नये कृषि कानूनों के विरोध में कई ट्रैक्टर रैलियां कीं। उन्होंने दावा किया कि ये कानून न केवल किसानों बल्कि उपभोक्ताओं को भी प्रभावित करेंगे।
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केंद्र ने कहा है कि कानून किसानों के लिए लाभकारी होंगे और उनकी आय बढ़ेगी।
उन्होंने दावा किया कि लोगों की आवाज उठाने वाले मीडिया सहित कई संस्थानों को भाजपा नीत केंद्र की सरकार ने ‘‘कब्जे में कर लिया है। गांधी ने कहा, ‘‘मुझे स्वतंत्र प्रेस और जो संस्थान स्वतंत्र हैं चाहिए, यह सरकार ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी।’’
पंजाब में अपनी यात्रा के अंतिम दिन कांग्रेस नेता ने आरोप लगाए कि प्रधानमंत्री इन कृषि कानूनों को नहीं समझते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को चुनौती दी कि अगर ये नये कानून कृषक समुदाय के हित में हैं तो वह राज्य में आएं और किसानों के साथ खड़े हों।
गांधी ने यहां संवाददाताओं से बात करते हुए लद्दाख गतिरोध का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने दावा किया कि मोदी ने कहा था कि किसी ने भी भारत की जमीन नहीं ‘‘छीनी’’ है। कांग्रेस नेता ने अपने दावों का सबूत दिए बगैर कहा कि फिर किस तरह से चीन हमारी ‘‘1200 वर्ग किलोमीटर’’ जमीन ले गया।
उन्होंने आरोप लगाए, ‘‘वे ‘भारत माता’ की बात करते हैं लेकिन नरेन्द्र मोदी ने अपनी छवि बचाने के लिए चीन को ‘भारत माता’ के 1200 वर्ग किलोमीटर दे दिए। यह हकीकत है।’’
गांधी ने सुझाव दिया कि मीडिया को प्रधानमंत्री को संवाददाता सम्मेलन में बुलाना चाहिए और उनसे खुलकर बात करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘वह आपसे क्यों डरे हुए हैं...मोदी जी को केवल अपनी छवि की चिंता है। वह (अटल) सुरंग अकेले जाएंगे और फिर हाथ लहराएंगे। मीडिया पर पूरा एकाधिकार है, वह उसे दिखाएगा। इसलिए उनको केवल अपनी छवि की चिंता है। भारत में क्या हो रहा है, इससे उनको कोई फर्क नहीं पड़ता है।’’
उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा नीत सरकार ने देश की ‘‘आत्मा’’ को जकड़ लिया है और उस पर तीन ‘‘काले कानूनों’’ के माध्यम से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को नष्ट करने का आरोप लगाया।
गांधी ने पूछा, ‘‘विधेयकों को क्यों पारित किया गया जब वह जानते थे कि कोरोना वायरस महामारी के समय किसान बाहर नहीं निकलेंगे।’’
गांधी के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह भी थे जिन्होंने मीडिया को सूचित किया कि उनकी सरकार इन कानूनों को खत्म करने के लिए जल्द ही विशेष सत्र बुलाएगी।
सिंह ने दावा किया कि ये कानून ‘‘न केवल किसानों बल्कि पूरी कृषि व्यवस्था और राज्य को बर्बाद’’करने के लिए बनाए गए हैं।
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