जॉर्जिया के अधिकारियों का दावा है कि दो संदिग्ध 30 लाख डॉलर का यूरेनियम खरीदने की कोशिश कर रहे थे. शक है कि इस यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु बम बनाने के लिए किया जा सकता था.जॉर्जिया की नेशनल सिक्योरिटी सर्विस का दावा है कि उसने देश के पश्चिमी शहर बाटुमी से दो लोगों को हिरासत में लिया है. बाटुमी, काले सागर के तट पर बसा एक बंदरगाह वाला शहर है. देश के अभियोजन विभाग के मुताबिक, यूरेनियम की सौदेबाजी करने में जुटे इन दोनों संदिग्धों में से एक जॉर्जियाई नागरिक है और दूसरा तुर्क. दोनों संदिग्धों पर रेडियोएक्टिव तत्व की गैरकानूनी खरीद और उसे अपने पास रखने की धाराएं लगाई गई हैं. जब्त किए गए यूरेनियम का बाजार मूल्य 30 लाख डॉलर बताया गया है.
अभियोजन पक्ष ने 17 जून को संदिग्धों का नाम बताए बिना कहा, "जॉर्जिया के नागरिक ने गैरकानूनी तरीके से रेडियोधर्मी तत्व यूरेनियम खरीदा और स्टोर किया...और उस न्यूक्लियर मैटीरियल को 30 लाख डॉलर में एक तुर्क नागरिक को बेचने की कोशिश की."
जॉर्जिया की सरकारी सुरक्षा सेवा ने इस जब्ती से जुड़ा एक वीडियो जारी किया है. वीडियो में दिख रहा है कि सुरक्षाकर्मी एक यात्री वाहन के भीतर दो कैप्सूलों की रेडिएशन स्कैनर से जांच कर रहे हैं. एक कैप्सूल में सफेद पावडरनुमा मैटीरियल दिखा पड़ रहा है. सिक्योरिटी एजेंसी ने कहा, "अल्फा और गामा विकीरण छोड़ने वाला रेडियोधर्मी रासायनिक पदार्थ" हथियार बनाने पर भारी तबाही मचा सकता था.
स्रोत का पता नहीं
स्टेट सिक्योरिटी सर्विस का दावा है कि उन्होंने एक ऐसा "अंतरराष्ट्रीय अपराध" टाला है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, जब उसने अधिकारियों से ज्यादा जानकारी पाने के लिए संपर्क किया तो दरख्वास्त टाल दी गई.
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था, इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) ने भी इस पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
ये यूरेनियम कहां से आया, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल सकी है. यूरेनियम का एक आइसोटोप, यूरेनियम-235 न्यूक्लियर चेन रिएक्शन भड़का सकता है. इसी आइसोटोप को रिएक्टरों और परमाणु बमों में इस्तेमाल किया जाता है. दो अन्य आइसोटोप यूरेनियम-238 और यूरेनियम-234 विखंडित नहीं होते हैं, लेकिन इन्हें सुरक्षा कवच बनाने या कवच भेदने वाले हथियारों में इस्तेमाल किया जाता है. यूरेनियम-238 को कुछ और नाभिकीय प्रक्रियाओं से गुजारने के बाद इससे यूरेनियम-235 हासिल किया जा सकता है.
परमाणु मैटीरियल की तस्करी का अड्डा बना जॉर्जिया
1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद से ही परमाणु पदार्थों की सुरक्षा एक बहुत बड़ी चिंता है. जॉर्जिया भी सोवियत संघ का हिस्सा था. सोवियत काल में संघ के कई सदस्य देशों में परमाणु हथियार और परमाणु मैटीरियल स्टोर किए गए थे. विघटन के बाद कई देशों से बड़ी मात्रा में परमाणु सामग्री गुम हो गई. आर्मेनिया और जॉर्जिया में हाल के दशकों में परमाणु मैटीरियल की गैरकानूनी खरीद फरोख्त के कई मामले सामने आ चुके हैं.
2019 में भी जॉर्जिया ने यूरेनियम-238 बेचने की कोशिश कर रहे दो लोगों को गिरफ्तार किया. उस यूरेनियम का बाजार मूल्य 28 लाख डॉलर आंका गया था. 2016 में भी दो अलग अलग स्टिंग ऑपरेशन कर सुरक्षा एजेंसियों ने 12 लोगो को गिरफ्तार किया. उनके पास से 20.3 करोड़ डॉलर का यूरेनियम-235 और यूरेनियम-238 मिला. 2014 में जॉर्जिया में ही रेडियोएक्टिव सीजियम-137 की तस्करी की कोशिश में दो अमेरिकियों को गिरफ्तार किया गया.
1991 से अब तक अलग अलग देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने 40 किलोग्राम लापता रूसी यूरेनियम और प्लूटोनियम बरामद किया है. अलग अलग रिपोर्टों के मुताबिक यह, लापता रेडियोएक्टिव मैटीरियल का बहुत छोटा सा हिस्सा है.













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