Sushila Karki: नेपाल में हालात जल्द होंगे सामान्य! सुशीला कार्की ने अंतरिम PM के रूप में संभाला पदभार (Watch Video)
जेन-जी के व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद नेपाल में अंतरिम सरकार का गठन हुआ है. सुशीला कार्की को प्रधानमंत्री पद की कमान सौंप दी गई है. नेपाल की कमान सौंपे जाने के बाद, सुशीला कार्की ने रविवार, 14 सितंबर को अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में अपना कार्यभार संभाला
Sushila Karki: जेन-जी के व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद नेपाल में अंतरिम सरकार का गठन हुआ है. सुशीला कार्की को प्रधानमंत्री पद की कमान सौंप दी गई है. नेपाल की कमान सौंपे जाने के बाद, सुशीला कार्की ने रविवार, 14 सितंबर को अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में अपना कार्यभार संभाला. उनके प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभालने के बाद, उम्मीद जताई जा रही है कि हालात जल्द ही सामान्य होंगे.
सुशीला कार्की से नेपाल को बड़ी उम्मीदें
सुशीला कार्की को प्रधानमंत्री पद की कमान सौंपने के बाद, हिंसक विरोध प्रदर्शनों से उबरने के बाद देश की जनता को उनसे काफी उम्मीदें हैं. इसी संदर्भ में, नेपाल के कई युवाओं ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए अपने विचार साझा किए. उन्होंने विश्वास जताया कि अब देश से भ्रष्टाचार पूरी तरह से समाप्त होगा। निश्चित तौर पर, सुशीला कार्की प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए देश को विकास के पथ पर अग्रसर करने की दिशा में सक्रिय रहेंगी. यह भी पढ़े: Nepal’s New PM Sushila Karki: नेपाल में सुशीला कार्की के पीएम बनने के बाद दिखा ‘नया सवेरा’, युवाओं को उम्मीद-देश करेगा विकास
सुशीला कार्की ने अंतरिम PM के रूप में संभाला पदभार
दीपेंद्र थामा ने सुशीला कार्की को नेपाल के लिए बड़ी उम्मीद करार दिया. दीपेंद्र थामा ने सुशीला कार्की को मौजूदा समय में नेपाल के लिए बहुत बड़ी उम्मीद बताया. उन्होंने कहा, "निश्चित तौर पर यह कहा जा सकता है कि सुशीला कार्की अन्य भ्रष्ट नेताओं से अलग और कई मामलों में बेहतर हैं. हम उम्मीद करते हैं कि वह आगामी दिनों में देश को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित होकर काम करेंगी.
इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा, "हम सभी युवा अब नेपाल को आगे बढ़ाने के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं. हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इस दिशा में किसी भी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े. हम नेपाल को एक बार फिर विकास के पथ पर अग्रसर करेंगे, हमें इस बारे में पूरा भरोसा है.
उन्होंने कहा, "निसंदेह, इस विरोध प्रदर्शन के कारण नेपाल के विकास की गति धीमी हो गई है. स्थिति अव्यवस्थित हो चुकी है, लेकिन हमें विश्वास है कि अगर हम सभी युवा एक साथ आ जाएं, तो हम अपने राष्ट्र को फिर से खड़ा कर सकते हैं.
(इनपुटआईएएनएस)