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रूस में इंटरनेट की छूट मिलते ही उत्तर कोरियाई सैनिकों को लगी पोर्न की लत! बदलते व्यवहार से टेंशन में पुतिन

10000 उत्तर कोरियाई सैनिक रूस पहुंचे हैं, जहां उन्हें पहली बार इंटरनेट एक्सेस मिला है. इससे कई सैनिकों को पोर्न देखने की लत लग गई है. रूस के राष्ट्रपति पुतिन को इसकी चिंता हो रही है.

रूस में इंटरनेट की छूट मिलते ही उत्तर कोरियाई सैनिकों को लगी पोर्न की लत! बदलते व्यवहार से टेंशन में पुतिन

North Korean Soldiers Porn Addiction: रूस में पहली बार तैनात उत्तर कोरियाई सैनिकों को इंटरनेट तक असीमित पहुंच मिलने के बाद उनके ऑनलाइन व्यवहार पर चर्चा हो रही है. उत्तर कोरिया में इंटरनेट पर कड़ा नियंत्रण रहता है और वहां नागरिक केवल सरकार द्वारा नियंत्रित सामग्री तक ही पहुंच सकते हैं, लेकिन रूस में मिली इस स्वतंत्रता ने सैनिकों को अपने ऑनलाइन समय का इस्तेमाल विशेषकर एडल्ट कंटेंट देखने में लगा दिया है. यह लत रूस के अधिकारियों के लिए चिंता का विषय बन गई है. रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन भी सैनिकों के इस व्यवहार से असहज महसूस कर रहे हैं.

रूस में उत्तर कोरियाई सैनिकों की तैनाती और इंटरनेट उपयोग 

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि करीब 10,000 उत्तर कोरियाई सैनिक अक्टूबर के अंत में रूस पहुंचे ताकि यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद कर सकें. इनमें से कई सैनिक रूस के कुर्स्क क्षेत्र में तैनात हैं, जहां यूक्रेनी सेना लगातार बढ़त बना रही है. बताया जा रहा है कि इंटरनेट की इस खुली पहुंच का उपयोग करते हुए सैनिक बड़ी मात्रा में एडल्ट कंटेंट देख रहे हैं. यह उनके लिए नया अनुभव है क्योंकि उत्तर कोरिया में इस तरह की सामग्री देखने पर कड़ी सज़ा मिलती है.

अनियंत्रित इंटरनेट: एक नया अनुभव 

उत्तर कोरिया की तानाशाही सरकार देश में डिजिटल और सोशल मीडिया पर पूरी तरह से नियंत्रण रखती है. विदेशी सामग्री देखना या शेयर करना वहाँ सख्त अपराध माना जाता है, और कई बार इसके लिए कठोर दंड तक की व्यवस्था है. ऐसे में, रूस में इन सैनिकों को बिना किसी रोक-टोक के इंटरनेट का इस्तेमाल करने का अनुभव उनके लिए एकदम नया है. एक रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने हाल ही में अपने देश में एक विशेष दस्ते का गठन किया है, जिसका काम विदेशी सामग्री देखने या शेयर करने वालों को कड़ी सज़ा देना है.

अमेरिकी रक्षा विभाग और सुरक्षा चिंताएं 

अमेरिकी रक्षा विभाग के प्रवक्ता मेजर चार्ली डीट्ज ने बताया कि यह मामला रूस और उत्तर कोरिया के बीच सैन्य संबंधों को लेकर एक बड़ा मुद्दा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका इस समय सैनिकों के इंटरनेट उपयोग पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय इस गठबंधन के सुरक्षा पहलुओं पर ज्यादा ध्यान दे रहा है. डीट्ज के अनुसार, इन सैनिकों का रूस में होना उनके रणनीतिक हितों के लिए एक गंभीर चुनौती है.

इस तरह, उत्तर कोरियाई सैनिकों का रूस में इंटरनेट की आज़ादी से सामना उनके लिए एक नया अनुभव लेकर आया है. उनकी गतिविधियां रूस और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भी एक नई चिंता का विषय बन गई हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 09, 2024 02:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).