Iran Strikes Kuwait Airport: ईरान ने कुवैत एयरपोर्ट और कतर के पास तेल टैंकर पर किया हमला, युद्ध के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण

ईरान ने साफ कर दिया है कि वह दबाव में आने वाला नहीं है और अपनी सुरक्षा के लिए हर कदम उठाएगा. वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है और दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी बनी हुई है. मध्य पूर्व में बढ़ते हमलों और तनाव के बीच आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं, जिससे पूरी दुनिया की नजर इस क्षेत्र पर टिकी हुई है.

Iran Strikes Kuwait Airport: मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच ईरान ने बुधवार को कतर के तट के पास एक तेल टैंकर और कुवैत के एयरपोर्ट को निशाना बनाया. इसी दौरान तेहरान पर भी लगातार हवाई हमले जारी रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, कतर के पास एक ऑयल टैंकर पर मिसाइल से हमला किया गया, हालांकि जहाज के 21 सदस्यीय क्रू को सुरक्षित निकाल लिया गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. वहीं, कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले से फ्यूल टैंक में आग लग गई. Israel-Iran War: ईरान-इजरायल तनाव के बीच मध्य पूर्व में चीन की बढ़ती कूटनीति, क्या अमेरिकी प्रभाव को मिल रही चुनौती?

इससे पहले दुबई के पास एक तेल टैंकर पर भी हमला हुआ था. वहीं, बहरीन, सऊदी अरब और इजरायल में भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी जारी की गई. संयुक्त अरब अमीरात में ड्रोन के मलबे गिरने से एक व्यक्ति की मौत भी हो गई.

उधर, तेहरान पर लगातार हवाई हमले जारी हैं. बताया जा रहा है कि एक हमले में पुराने अमेरिकी दूतावास परिसर को भी निशाना बनाया गया, जो अब ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के नियंत्रण में है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका आने वाले दो से तीन हफ्तों में युद्ध से पीछे हट सकता है, लेकिन इसके लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी होगा कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न कर सके. हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बिना किसी समझौते के भी अमेरिका पीछे हट सकता है.

इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर स्थिति और गंभीर बनी हुई है. दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का व्यापार इसी रास्ते से होता है. यहां तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 40 प्रतिशत तक उछाल आ चुका है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है.

ईरान ने साफ कर दिया है कि वह दबाव में आने वाला नहीं है और अपनी सुरक्षा के लिए हर कदम उठाएगा. वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है और दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी बनी हुई है. मध्य पूर्व में बढ़ते हमलों और तनाव के बीच आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं, जिससे पूरी दुनिया की नजर इस क्षेत्र पर टिकी हुई है.

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