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'अमेरिका से माफी मांगेगा भारत', टैरिफ पर अब ट्रंप के सहयोगी की धमकी, रख दी ये शर्तें

लुटनिक ने दावा किया कि मौजूदा सख्त रुख के बावजूद भारत लंबे समय तक वॉशिंगटन का दबाव झेल नहीं पाएगा और आखिरकार अमेरिका से समझौता करने लौटेगा.

'अमेरिका से माफी मांगेगा भारत', टैरिफ पर अब ट्रंप के सहयोगी की धमकी, रख दी ये शर्तें
PM Modi and Donald Trump | X

भारत और अमेरिका के बीच चल रहे टैरिफ विवाद को लेकर ट्रंप के सहयोगी और अमेरिकी कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक (Howard Lutnick) का बड़ा बयान सामने आया है. लुटनिक ने दावा किया कि मौजूदा सख्त रुख के बावजूद भारत लंबे समय तक वॉशिंगटन का दबाव झेल नहीं पाएगा और आखिरकार अमेरिका से समझौता करने लौटेगा. लुटनिक ने कहा कि भारत द्वारा रूस से लगातार सस्ता तेल खरीदना अमेरिका को मंजूर नहीं है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भारत ने अपना रुख नहीं बदला तो उसके अमेरिकी निर्यात पर 50% तक का टैक्स लगाया जाएगा.

उन्होंने कहा, "भारत को तय करना होगा कि वह अमेरिका के साथ खड़ा रहना चाहता है या रूस-चीन के साथ BRICS का हिस्सा बनकर सस्ते तेल का व्यापार जारी रखना चाहता है."

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"1-2 महीने में भारत करेगा समझौता"

लुटनिक ने दावा किया कि अगले एक-दो महीने में भारत फिर से अमेरिका के साथ बातचीत की मेज पर लौटेगा. उन्होंने कहा कि यह तय करना ट्रंप का काम होगा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किस तरह डील करना चाहते हैं.

"आखिरकार, ग्राहक ही सबसे बड़ा होता है और अमेरिका 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला उपभोक्ता है. दुनिया को अंततः लौटकर ग्राहक के पास ही आना पड़ता है."

अमेरिका की तीन शर्तें

लुटनिक ने भारत के सामने तीन शर्तें रखीं:

  • रूसी तेल की खरीद बंद करे.
  • बाजार को अमेरिकी कंपनियों के लिए खोले.
  • BRICS से दूरी बनाए.

उन्होंने कहा कि अगर भारत ऐसा नहीं करता तो 50% टैक्स चुकाने के लिए तैयार रहना होगा.

ट्रंप का तंज और भारत की नाराजगी

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था, "लगता है हमने भारत और रूस को चीन के हवाले कर दिया. अब इन्हें साथ लंबा और समृद्ध भविष्य मुबारक." इस पर भी लुटनिक ने कहा कि भारत को तय करना होगा कि वह किस पक्ष में खड़ा होना चाहता है.

भारत का रुख: देश का हित सर्वोपरि

भारत सरकार ने अमेरिका के इस कदम को "अनुचित और अन्यायपूर्ण" बताते हुए कहा कि ऊर्जा आयात पूरी तरह से राष्ट्रीय हित और बाजार की ज़रूरतों पर आधारित हैं. भारत ने सवाल उठाया कि जब चीन रूस का सबसे बड़ा खरीदार है, तो सिर्फ भारत को क्यों निशाना बनाया जा रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 05, 2025 10:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).