चीन और अरब देशों की बढ़ती नजदीकियां
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

अरब क्षेत्र में चीन के संबंध व्यापार से आगे बढ़ गए हैं और वह एक 'सॉफ्ट पावर' के रूप में अपना प्रभाव बढ़ा रहा है. कई अरब नेता चीन के दौरे पर हैं.चीन की राजधानी बीजिंग में अरब देश सहयोग मंच लॉन्च किया गया है, जिसका उद्देश्य बीजिंग सरकार और अरब देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करना है. चीन ने हाल के वर्षों में मध्य पूर्व में अमेरिकी प्रभाव को चुनौती देते हुए अरब देशों के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने की कोशिश की है. इसने पिछले साल ईरान और उसके लंबे समय से प्रतिद्वंद्वी सऊदी अरब के बीच तनाव कम करने में मध्यस्थता की थी.

चीन ऐतिहासिक रूप से फलस्तीनी मुद्दे के प्रति सहानुभूति रखता है और इस्राएल-फलस्तीनी संघर्ष के लिए दो-राष्ट्र समाधान का समर्थक रहा है. बीजिंग सरकार ने पिछले महीने "अंतर-फलस्तीनी सुलह को बढ़ावा देने के लिए व्यापक और स्पष्ट वार्ता" के लिए प्रतिद्वंद्वी फलस्तीनी समूहों हमास और फतह की भी मेजबानी की थी.

चीन में जुटे अरब नेता

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल-सीसी और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाह्यान चीन में अरब फोरम में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों के साथ-साथ अन्य क्षेत्रीय नेताओं और राजनयिकों में से हैं.

बीजिंग की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को फोरम के उद्घाटन समारोह में मुख्य भाषण देंगे, जिसका उद्देश्य चीन और अरब देशों के बीच "आम सहमति" बनाना है. एजेंडे में सबसे ऊपर इस्राएल और हमास के बीच युद्ध का मुद्दा होगा. इस युद्ध को खत्म करने के लिए चीन के राष्ट्रपति ने "अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मेलन" का आह्वान किया है.

अरब जगत में प्रतिष्ठा चाहता है चीन

चैथम हाउस के मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका कार्यक्रम के एसोसिएट फेलो अहमद अबुदौह ने समाचार एएफपी से कहा, "चीन, अमेरिका की निष्क्रियता के विरुद्ध संघर्ष को समाप्त करने के अपने प्रयासों को अरब जगत में अपनी प्रतिष्ठा और स्थिति को बढ़ाने के लिए एक रणनीतिक अवसर के रूप में देख रहा है."

अहमद कहते हैं, "इसके बदले में क्षेत्र में अमेरिका की विश्वसनीयता और प्रभाव को कम करने पर बीजिंग का ध्यान केंद्रित है." उन्होंने कहा, "युद्ध जितना लंबा चलेगा, चीन के लिए इस लक्ष्य को हासिल करना उतना ही आसान होगा."

मंगलवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भी बीजिंग में यमन और सूडान के अपने समकक्षों से मुलाकात की और कहा कि उन्हें अरब दुनिया के साथ "एकजुटता और सद्भाव को मजबूत करने" की उम्मीद है.

यमन के विदेश मंत्री से मुलाकात के दौरान वांग यी ने लाल सागर में हूथी विद्रोहियों द्वारा मालवाहक जहाजों पर हमले को लेकर चीन की चिंता से भी अवगत कराया. सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने उनके हवाले से कहा, "चीन नागरिक जहाजों को परेशान करने पर रोक लगाने और लाल सागर में जलमार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान करता है."

एए/सीके (एएफपी, रॉयटर्स)