Pakistan Flood: पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में लगातार दो दिनों तक हुई भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है. खैबर पख्तूनख्वा के पहाड़ी क्षेत्रों में बादल फटने, बिजली गिरने और भूस्खलन की घटनाओं ने सैकड़ों घरों को मलबे में बदल दिया. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अब तक 300 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि बूनर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. यहां शुक्रवार को अचानक बादल फटने से पानी का सैलाब गांवों की ओर बह निकला और लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला.
अकेले इसी जिले में अब तक 180 से ज्यादा मौतों की पुष्टि हो चुकी है. दर्जनों गांवों में घर पूरी तरह बह गए हैं और कई परिवार बेघर हो चुके हैं.
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बारिश और बाढ़ से 300 से अधिक लोगों की मौत
More than 300 people killed in Pakistan in heavy rains, flash floods#Pakistan #flood #heavyrain #cloudburst pic.twitter.com/UWOvSNdyb0
— The MES Times (@themestimes) August 16, 2025
खराब मौसम के चलते रेस्क्यू में आ रही दिक्कत
प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया है कि राहत और बचाव कार्य में सेना और नागरिक टीमें लगातार जुटी हुई हैं. मेडिकल कैंप लगाए गए हैं और जिन लोगों के घर बाढ़ में बह गए हैं, उनके लिए खाने-पीने की व्यवस्था की जा रही है. हालांकि खराब मौसम राहत कार्य में सबसे बड़ी बाधा बन रहा है.
खराब मौसम की वजह से शुक्रवार को एक रेस्क्यू हेलिकॉप्टर भी हादसे का शिकार हो गया जिसमें पांच क्रू मेंबर की मौत हो गई. इसके बाद से राहत कार्य और चुनौतीपूर्ण हो गया है.
मौसम विभाग ने क्या बताया?
मौसम विभाग का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के चलते पाकिस्तान में ऐसी आपदाओं की रफ्तार और तीव्रता बढ़ गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में हो रही भारी बारिश का असर सीधे निचले इलाकों पर पड़ता है और अचानक आई बाढ़ लोगों को संभलने का वक्त तक नहीं देती. इसके अलावा नदियों और नालों के किनारे अनियंत्रित निर्माण और कचरे के ढेर ने पानी के बहाव को और भी अवरुद्ध कर दिया है जिससे तबाही का पैमाना और बढ़ जाता है.
पाकिस्तान सरकार ने आपात बैठक बुलाकर प्रभावित जिलों में राहत और पुनर्वास की पूरी व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है. लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी हालात बेहद गंभीर हैं और सैकड़ों परिवारों को तत्काल मदद की जरूरत है.













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