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जर्मनी: बाढ़ से 200 करोड़ यूरो का नुकसान, आंकड़ा और बढ़ेगा

बीमा कंपनियों के मुताबिक, दक्षिण जर्मनी में आई हालिया बाढ़ में करीब 200 करोड़ यूरो का नुकसान हुआ है.

जर्मनी: बाढ़ से 200 करोड़ यूरो का नुकसान, आंकड़ा और बढ़ेगा
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

बीमा कंपनियों के मुताबिक, दक्षिण जर्मनी में आई हालिया बाढ़ में करीब 200 करोड़ यूरो का नुकसान हुआ है.भारी बारिश और बाढ़ से जर्मनी के दक्षिणी राज्यों में काफी नुकसान हुआ है. बीमा कंपनियों के मुताबिक, दक्षिण जर्मनी में आई हालिया बाढ़ में करीब 200 करोड़ यूरो (2 बिलियन यूरो) का नुकसान हुआ है. जर्मन इंश्योरेंस असोसिएशन (जीडीवी) ने कहा है कि जर्मनी के बवेरिया और बाडेन-वुर्टेमबेर्ग राज्य में शुरुआती आकलन के आधार पर यह आंकड़ा जारी किया गया है.

जीडीवी के प्रबंध निदेशक योर्ग आसमुसेन ने कहा, "क्योंकि डेन्यूब में बाढ़ अब भी कम नहीं हुई है, इसलिए फिलहाल यह अनुमान कुछ हद तक अनिश्चितता पर निर्भर हैं."

इस अनुमान में उन लोगों की संपत्ति के नुकसान का अंदाजा शामिल नहीं है, जिनके पास बीमा नहीं था. ऐसे में कुल नुकसान का आंकड़ा कहीं ज्यादा हो सकता है.

दक्षिणी जर्मनी में इतनी भीषण बारिश और बाढ़ 50-100 साल में एक ही बार दिखाई पड़ती है. अब तक इस बाढ़ से 6 लोगों की जान चली गई है. लोगों को मजबूरन अपने घर खाली करने पड़े हैं और कई जगहों पर आपात स्थिति घोषित कर दी गई है.

कितना नुकसान हुआ है?

बाढ़ से लेकर घर, कारोबार, बुनियादी ढांचा और खेत-खलिहान, सभी प्रभावित हुए हैं. बाडेन-वुर्टेमबेर्ग के कृषि मंत्री पेटर हाउक के मुताबिक, खेती की करीब 95,000 हेक्टेयर (950 वर्ग किलोमीटर) जमीन को नुकसान पहुंचा है.

वहीं किसान संगठन "बवेरियन फार्मर्स असोसिएशन" के प्रवक्ता मार्कुस ड्रेक्सलर के मुताबिक, "इस साल की फसल का ज्यादातर हिस्सा बर्बाद हो गया है." उनके मुताबिक, "गेहूं, आलू, चुकंदर और मक्का जैसी फसलों को नुकसान हुआ है. लेकिन सब्जियों, स्ट्रॉबेरी और रास्पबेरी जैसी विशेष फसलों को इतना नुकसान पहुंचा है कि अनुमान लगाना भी मुश्किल है."

प्रभावित लोगों को मिलने वाली बीमा राशि से इतर, बवेरिया की सरकार ने 100 मिलियन यूरो जारी किए हैं. इस पैसे का इस्तेमाल उन्हें राहत देने के लिए किया जाएगा जिनकी संपत्तियों का बीमा नहीं हुआ था.

जर्मनी में विनाशकारी बाढ़

लाइपजिग यूनिवर्सिटी में मौसम वैज्ञानिक योहानस क्वास कहते हैं कि जर्मनी में नियमित अंतराल पर बाढ़ नहीं आ रही है, लेकिन जब भी बाढ़ आती है, वह काफी ज्यादा विनाशकारी होती है. जर्मन मौसम सेवा के मुताबिक, 1881 के बाद से जर्मनी में सालाना होने वाली औसत बारिश में 8 फीसदी का इजाफा हुआ है. भविष्य में इसमें और 6 फीसदी की वृद्धि का अनुमान है. क्वास का कहना है कि जर्मनी में पिछले 100 सालों के दौरान भारी बारिश होने की दर काफी ज्यादा बढ़ गई है. 19वीं सदी के मुकाबले अब मूसलधार बारिश 15 फीसदी ज्यादा हो रही है. करीब 40 साल पहले से तुलना करें, तो यह वृद्धि अब 10 फीसदी ज्यादा है. सिर्फ पिछले साल ही जर्मनी में औसत बारिश 1991-2020 में हुई औसत बारिश की तुलना में 20 फीसदी ज्यादा थी.

सबसे अहम बात है कि बदलाव सिर्फ जर्मनी तक सीमित नहीं है. यूरोपीय संघ के अर्थ ऑब्जर्वेशन प्रोग्राम कॉपरनिकस के मुताबिक, पिछले साल यूरोप में औसतन सात फीसदी ज्यादा बारिश हुई थी. इसकी वजह से यूरोप के कई इलाकों में बाढ़ आई और करीब 16 लाख लोग प्रभावित हुए थे.

2023 में यूरोप की एक तिहाई नदियों में पानी का बहाव 'खतरे' के निशान से ऊपर चला गया था और 16 फीसदी नदियों में पानी का बहाव खतरे के निशान से 'बहुत ज्यादा' ऊपर था. इसका मतलब है कि बाढ़ का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया था.

आरएस/ओएसजे (डीपीए, एएफपी)

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 08, 2024 07:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).