जी7 के देशों का ध्यान अब यूक्रेन युद्ध रोकने पर
फ्रांस में जी7 की बैठक से दुनिया के ताकतवर देशों के नेताओं ने यूक्रेन युद्ध की ओर ध्यान बढ़ाने के संकेत दिए हैं.
फ्रांस में जी7 की बैठक से दुनिया के ताकतवर देशों के नेताओं ने यूक्रेन युद्ध की ओर ध्यान बढ़ाने के संकेत दिए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस को "समझौता कर लेना" चाहिए.मंगलवार को फ्रांस के एवियां शहर के रिसॉर्ट एवियां ले बां में जी7 की बैठक में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की भी शामिल हुए. चार साल से चल रही लड़ाई में यूक्रेन अभी तक डटा हुआ है हालांकि कई यूक्रेनी शहरों ने भारी नुकसान झेला है. ये शहर आए दिन रूसी हमलों का निशाना बन रहे हैं.
जी7 की बैठक में जेलेंस्की डॉनल्ड ट्रंप से रूबरू हुए. हालांकि उन्होंने बैठक से अलग भी ट्रंप से अकेले में मुलाकात की. एक फ्रेंच राजनयिक ने बैठक के बाद समाचार एजेंसी एएफपी से कहा, "आज नेताओं ने तेल और गैस पर प्रतिबंध के जरिए रूस पर दबाव बढ़ाने का फैसला किया है."
ईरान के बाद अब ध्यान रूस पर
डॉनल्ड ट्रंप से यूरोपीय देशों ने रूस पर दबाव बढ़ाने का आग्रह किया है. ऐसा लग रहा है कि डॉनल्ड ट्रंप भी इसके लिए मन बना चुके हैं. रूस पर प्रतिबंध लगाने के बारे में एक पत्रकार के पूछे सवाल के जवाब में डॉनल्ड ट्रंप ने कहा, " सब कुछ बहुत बुरा है, हां मैं वो सब करूंगा जो कर सकता हूं."
डॉनल्ड ट्रंप का कहना है कि होर्मुज का रास्ता खुल जाने के बाद तेल की सप्लाई शुरू हो जाएगी. उन्होंने कहा, "बहुत जल्द हम यह सब कर सकेंगे क्योंकि अब तेल आ रहा है. हम जल्दी ही ऐसा करने की स्थिति में होंगे." ट्रंप की इन बातों से संकेत मिल रहे हैं कि रूसी तेल और गैस पर अमेरिका दोबारा से प्रतिबंध लगा सकता है.
अमेरिका ने मार्च में रूसी तेल पर लगे कुछ प्रतिबंधों की छूट दे दी थी क्योंकि तेल की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ गई थीं. ईरान युद्ध खिंचने की वजह से इस छूट को आग बढ़ा दिया गया.
जेलेंस्की का कहना है कि यूक्रेन रूस के साथ शांति को लेकर गंभीर है, जबकि रूस दुनिया के नेताओं के साथ खिलवाड़ कर रहा है. जेलेंस्की ने बैठक के बाद यह भी कहा, "सभी सातों (देश) आज एकमत हो कर यूक्रेन का समर्थन कर रहे हैं."
इस बीच ब्रिटिश प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने कहा है कि उनका देश रूस के खिलाफ नए प्रतिबंध लगा रहा है. इनमें वो टैंकर भी शामिल हैं जो एलएनजी की ढुलाई करते हैं. कनाडा ने भी रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों का एलान किया है.
जी7 में ईरान का मुद्दा
जी7 की बैठक में ईरान एक प्रमुख मुद्दा बना रहा. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि बहुत जल्द समझौते का दस्तावेज सार्वजनिक किया जाएगा. दोनों देशों के बीच समझौते पर इसी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में दस्तखत होने हैं.
डॉनल्ड ट्रंप का कहना है कि समझौते के बाद अमेरिका पर ईरान में निवेश करने की कोई "शर्त नहीं" है. ट्रंप का कहना है कि अमेरिका का ध्यान सिर्फ इस बात पर है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल ना कर सके.
ईरान का कहना है कि परमाणु हथियारों और ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाने पर बातचीत इसी हफ्ते के आखिर में शुरू हो सकती है. समझौते में इसे 60 दिन के भीतर हल करने की बात कही गई है.
जी7 में अमेरिका, फ्रांस, कनाडा, जर्मनी, इटली, जापान और ब्रिटेन शामिल हैं. इनके अलावा ब्राजील, मिस्र, भारत, केन्या, दक्षिण कोरिया, कतर, यूक्रेन और यूएई बतौर मेहमान शामिल हुए हैं. भारत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस पहुंचे हैं.