G7 Summit 2026: ‘मैं ही बॉस हूं’; जी7 शिखर सम्मेलन में डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, यूक्रेन को और मजबूत समर्थन देने के दिए संकेत (Watch Video)
फ्रांस के एवियन-लेस-बैंस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन 2026 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बेहद आक्रामक और मुखर अंदाज देखने को मिला है. विश्व नेताओं के साथ चर्चा के दौरान ट्रंप ने "मैं ही बॉस हूं" कहकर अपनी नेतृत्व शैली का प्रदर्शन किया. साथ ही, अमेरिकी प्रशासन ने रूस के खिलाफ यूक्रेन को और अधिक मजबूत सैन्य व कूटनीतिक समर्थन देने के स्पष्ट संकेत दिए हैं.
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एवियन-लेस-बैंस (फ्रांस), 17 जून: फ्रांस के खूबसूरत शहर एवियन-लेस-बैंस (Évian-les-Bains, France) में आयोजित जी7 (G7) शिखर सम्मेलन 2026 से एक बड़ी और वैश्विक सुर्ख़ियों वाली खबर सामने आ रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (U.S. President Donald Trump) ने इस वैश्विक मंच पर विश्व के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय और सामूहिक चर्चा के दौरान बेहद आक्रामक और आत्मविश्वास से भरा रुख अपनाया है. बंद कमरे में हुई बातचीत के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "मैं ही बॉस हूं" (I'm The Boss) , जो अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में उनकी दबदबे वाली शैली को दर्शाता है। इस बयान के बीच, अमेरिकी प्रशासन ने यूक्रेन नीति में एक बड़ा बदलाव करते हुए रूस-यूक्रेन युद्ध में कीव (Kyiv) को और अधिक मजबूत और कूटनीतिक समर्थन देने के संकेत दिए हैं. जी7 के सभी सदस्य देशों ने भी यूक्रेन की संप्रभुता की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. यह भी पढ़ें: Donald Trump: व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में फायरिंग, ट्रंप ने जान बचाने वाले सीक्रेट सर्विस एजेंट्स की बहादुरी को सराहा, तारीफ़ में कही ये बात; VIDEO
यूक्रेन नीति पर डोनाल्ड ट्रंप के रुख में दिखा बदलाव
डोनाल्ड ट्रंप का यह हालिया बयान पिछले कुछ महीनों से अमेरिकी नीति को लेकर बनी अनिश्चितता के बाद आया है. यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ अपनी हालिया "बेहद सकारात्मक" बैठक का हवाला देते हुए ट्रंप ने कहा कि रूस को अब एक शांति समझौते पर पहुंचना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो वाशिंगटन मॉस्को पर आर्थिक और सैन्य दबाव को और अधिक बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है.
अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बदले हुए और सख्त रुख का यूरोपीय नेताओं ने खुलकर स्वागत किया है. यूरोपीय देश लंबे समय से इस संघर्ष को समाप्त करने और यूक्रेन को निरंतर सैन्य और वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका की मजबूत और सक्रिय भागीदारी की मांग कर रहे थे.
डोनाल्ड ट्रंप ने G7 नेताओं से कहा, 'मैं बॉस हूँ'
Trump jokes ‘I’m the BOSS’ during a G7 leaders’ meeting pic.twitter.com/OhkE1nTlHa
— Commentary Donald J. Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) June 17, 2026
जी7 नेताओं ने कीव को दिया हरसंभव मदद का भरोसा
शिखर सम्मेलन के दौरान जी7 देशों के नेताओं ने एक संयुक्त घोषणापत्र जारी किया, जिसमें यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता व्यक्त की गई. इस बैठक में तय हुआ कि सभी मित्र देश मिलकर यूक्रेन की हवाई रक्षा (Air Defence) क्षमताओं को मजबूत करेंगे और उसके घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देंगे.
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भी इन सत्रों में वर्चुअली और प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया. उन्होंने अपने सहयोगियों से सैन्य सहायता की आपूर्ति को निरंतर बनाए रखने और रूस के खिलाफ राजनयिक व आर्थिक मोर्चों पर प्रतिबंधों को और कड़ा करने की अपील की.
सुर्खियों में रहा ट्रंप का "आई एम द बॉस" बयान
सम्मेलन के दौरान ट्रंप की ओर से कहा गया वाक्य "आई एम द बॉस" तेजी से सोशल मीडिया और कूटनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बन गया. हालांकि, इस बयान के इतर शिखर सम्मेलन का मुख्य एजेंडा वैश्विक महत्व के गंभीर मुद्दों पर ही केंद्रित रहा. नेताओं ने यूक्रेन युद्ध के अलावा ऊर्जा सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के नियमन और वैश्विक सप्लाई चेन (Global Supply Chains) को मजबूत करने जैसे विषयों पर लंबी चर्चा की.
शिखर सम्मेलन का व्यापक एजेंडा और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे
यूक्रेन संकट के अलावा, इस जी7 सम्मेलन में कई अन्य रणनीतिक मुद्दों पर भी सहमति बनाने का प्रयास किया गया:
- यूएस-ईरान समझौता: नेताओं ने हाल ही में घोषित अमेरिका-ईरान समझौते के क्रियान्वयन की समीक्षा की.
- होर्मुज जलडमरू (Strait of Hormuz): इस मार्ग पर बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने पर बात हुई.
- चीन पर निर्भरता कम करना: आधुनिक तकनीकों और क्लीन एनर्जी के लिए जरूरी 'क्रिटिकल मिनरल्स' (महत्वपूर्ण खनिजों) के लिए चीन पर निर्भरता घटाने की रणनीति तैयार की गई.
भले ही रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के अंतिम रास्ते को लेकर कुछ देशों के बीच मतभेद बरकरार हैं, लेकिन इस सम्मेलन ने सदस्य देशों के बीच एक नए कूटनीतिक समन्वय को जन्म दिया है. वाशिंगटन और उसके सहयोगियों के बीच बढ़ते इस तालमेल से आने वाले दिनों में शांति वार्ताओं को एक नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 17, 2026 07:59 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

