ईरान में ड्रोन दिखने के बाद एयर डिफेंस सिस्टम से फायरिंग
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

ईरान के इसफहान में ड्रोन दिखाई देने के बाद एयरडिफेंस लॉन्च किया गया है. यह घटना इसफहान शहर के मध्य में एक प्रमुख हवाई अड्डे और परमाणु केंद्र के पास हुई है.घटना शुक्रवार तड़के सुबह की है. आशंका जताई जा रही है कि ईरान के हमले के जवाब में यह इस्राएल की कार्रवाई हो सकती है. ईरान ने कुछ विमानों का रास्ता बदला है. अभी यह साफ नहीं है कि क्या सचमुच इस्राएल की तरफ से यह हमला हुआ है.

अमेरिकी मीडिया में इस्राएल की तरफ से हमला होने की खबरें आ रही हैं. इस्राएल की सेना ने इस पर कोई प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया है. दोनों तरफ तनाव बना हुआ है. अमेरिकी अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह तक इस पर प्रतिक्रिया देने से मना किया.

इस्राएल पर ईरान का अभूतपूर्व हमला

हालांकि, अमेरिकी मीडिया अज्ञात अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से इस्राएल के हमले की बात कह रहा है. न्यू यॉर्क टाइम्स ने अज्ञात इस्राएली अधिकारी के हवाले से हमला होने की बात कही है.

ईरान के सरकारी टेलिविजन का कहना है कि कई राज्यों में ड्रोन दिखाई देने के बाद एयर डिफेंस सिस्टम लॉन्च किया गया है. मुख्य रूप से इसफहान में एयर डिफेंस सिस्टम लॉन्च करने की बात कही गई है. ईरान का इसफहान लंबे समय से अमेरिका में बने एफ-14 टॉमकैट का बेस रहा है.

विमानों का यह बेड़ा ईरान ने 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले अमेरिका से खरीदा था.

ईरान के अर्धसरकारी चैनल तसनीम ने अपने एक रिपोर्टर का वीडियो जारी किया है जिसका कहना है कि इसफहान के दक्षिणपूर्वी इलाके जरदेंजान का है. इस वीडियो में दो अलग अलग एंटी एयरक्राफ्ट गन दिखाई दे रहे हैं. वीडियो के साथ दिए ब्यौरे में वो जगह इसफहान का परमाणु केंद्र बताई गई है. वीडियो में रिपोर्टर का कहना है, "4:45 बजे हमें गोलियां चलने की आाज सुनाई दी. और कुछ नहीं हो रहा है. वह एयरडिफेंस था, ये जिन लोगों को आप देख रहे हैं और वो उधर भी हैं."

इसफहान के परमाणु केंद्र में चीन के दिए तीन रिसर्च रिएक्टर काम करते हैं इसके साथ ही यहां ईंधन का उत्पादन और ईरान के नागरिक परमाणु कार्यक्रम की गतिविधियां होती हैं. इसफहान में वो जगहें भी हैं जहां ईरान के दूसरी परमाणु गतिविधियां चलती हैं मसलन नतांज का भूमिगत संवर्धन केंद्र. संदिग्ध इस्राएली हमलों के जरिए अकसर इसे निशाना बनाने की कोशिश होती है.

सरकारी टेलिविजन ने कहा है कि सभी परमाणु केंद्र पूरी तरह सुरक्षित हैं. संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी आईएईए का भी कहना है कि घटना के बाद "ईरान के परमाणु केंद्रों को कोई नुकसान नहीं हुआ है."

दुबई के एमिरेट्स और फ्लाइदुबई ने अपने विमानों का रास्ता सुबह 4.30 बजे से बदलना शुरू कर दिया और इसके पीछे कोई वजह नहीं बताई है. हालांकि स्थानीय विमानन सेवाओं से जुड़ी स्थानीय चेतावनियों के बाद यह आशंका है कि एयरस्पेस शायद बंद किया गया हो. ईरान ने तेहरान के लिए व्यापारिक उड़ानें बंद कर दी है और साथ ही पश्चिमी और मध्य ईरान के दूसरे इलाकों के लिए भी.

शुक्रवार की घटना ने इस बात की चिंता बढ़ा दी है कि विवाद पूरे मध्य-पूर्व को अपने घेरे में ले सकता है. ईरान के हमले के बाद इस्राएल ने चेतावनी दी थी कि वह इसका जवाब देगा. अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस्राएल को हमला नहीं करने की सलाह दे रहा है. एक दिन पहले ही यूरोपीय संघ ने इस्राएल पर हमले के जवाब में ईरान पर प्रतिबंध लगाने की बात कही है. जर्मनी, ब्रिटेन, इटली और अमेरिका ने भी इस्राएल को साफ शब्दों में जवाबी हमला नहीं करने की सलाह दी है.

एनआर/एए (एपी)