FATF: चीन और सऊदी अरब भी भारत के साथ? पाकिस्तान को आतंकवाद पर कड़ी कार्रवाई की हिदायत

पाकिस्तान को बार फिर फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स से चेतावनी मिली है. FATF ने पाकिस्तान से आतंकी फंडिंग पर अपने कानूनों को और सख्त करने के लिए कहा है ताकि इससे जुड़े लोगों और आतंकी संगठनों पर कार्रवाई की जा सके.

इमरान खान (Photo Credits: Twitter)

आतंकियों को पनाह और आर्थिक मदद देने वाले पाकिस्तान (Pakistan) को बार फिर फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) से चेतावनी मिली है. FATF ने पाकिस्तान से आतंकी फंडिंग पर अपने कानूनों को और सख्त करने के लिए कहा है ताकि इससे जुड़े लोगों और आतंकी संगठनों पर कार्रवाई की जा सके. मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान ने FATF में मसूद अजहर पर झूठ बोला. पाकिस्तान ने मसूद अजहर को परिवार समेत लापता बताया. रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्रे-लिस्ट में रखे जाने को लेकर तुर्की और मलेशिया ने पाकिस्तान का समर्थन किया था. पाकिस्तान को उम्मीद थी कि इस बार वह FATF की ग्रे लिस्ट से बहार आ जाएगा, लेकिन इस बार चीन और सऊदी अरब ने पाक का साथ नहीं दिया है.

चीन की मदद से पाक की ग्रे लिस्ट से बाहर आने की कोशिश नाकाम हो गई है. ग्रे लिस्ट से बाहर आने पर अब 21 फरवरी को फैसला आएगा. पेरिस में चल रही FATF की बैठक में पाकिस्तान से धनशोधन और आतंक फंडिंग के दोषियों के लिए कड़े  कानूनों की मांग चल रही है. एफएटीएफ की बैठक पेरिस में 16 फरवरी से शुरू हुई थी और यह 21 फरवरी तक चलेगी. 21 फरवरी को ही पाकिस्तान पर अंतिम फैसला आएगा.

यह भी पढ़ें- पाकिस्तान FATF की ग्रे लिस्ट में ही रहेगा, तुर्की और मलेशिया का मिला समर्थन: रिपोर्ट 

पाकिस्तान को जून 2018 में FATF ने ग्रे लिस्ट में डाल दिया गया था और उसे आतंकी फंडिग पर रोक लगाने के लिए अक्टूबर 2019 तक का समय दिया गया था, बाद में अक्टूबर 2019 में FATF ने पाकिस्तान को 27 सूत्री एक कार्य योजना को लागू करने का फरमान देते हुए फरवरी तक ग्रे लिस्ट में रखने का फैसला लिया. पाकिस्तान पर अंतिम फैसला शुक्रवार 21 फरवरी को होना है. .

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