डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी: 'आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, मैं ऐसा नहीं चाहता लेकिन शायद यह होकर रहेगा'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक घातक अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि निर्धारित समय सीमा तक समझौता नहीं हुआ, तो आज रात एक पूरी सभ्यता का अंत हो सकता है. यह बयान ऐसे समय आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo/Reuters)

वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है. मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट साझा करते हुए ट्रंप ने कहा, "आज रात एक पूरी सभ्यता मर जाएगी, जिसे कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा. मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो, लेकिन शायद यह होकर रहेगा.'

यह बयान उस समय सीमा (डेडलाइन) से ठीक पहले आया है जो ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और समझौते की मेज पर आने के लिए दी है. राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि यदि ईरान उनकी मांगों को नहीं मानता है, तो अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान के बुनियादी ढांचे पर भीषण हमले करेंगे. यह भी पढ़ें: Iran War Update: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान; कहा- 'सैन्य अभियान लक्ष्य के करीब, समझौता नहीं हुआ तो किए जाएंगे और भी विनाशकारी हमले

ट्रंप का अल्टीमेटम और 'डेडलाइन'

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के लिए मंगलवार रात 8 बजे (अमेरिकी समयानुसार) की समय सीमा तय की है.  ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि इस समय तक होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से वैश्विक तेल व्यापार फिर से शुरू नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के पुलों, बिजली संयंत्रों और अन्य प्रमुख बुनियादी ढांचों को नष्ट कर देगा.

उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि यह रात "विश्व के लंबे और जटिल इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक" होगी। ट्रंप का मानना है कि इस सैन्य कार्रवाई से ईरान में 'पूर्ण शासन परिवर्तन' (Regime Change) होगा, जिससे 47 वर्षों के भ्रष्टाचार और हिंसा का अंत हो जाएगा.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी

ईरान की जवाबी तैयारी और 'मानव श्रृंखला'

ट्रंप की इस धमकी के बाद ईरान में भारी तनाव का माहौल है. ईरानी अधिकारियों ने देश के युवाओं से बिजली संयंत्रों और प्रमुख ठिकानों के चारों ओर 'मानव श्रृंखला' बनाने की अपील की है ताकि उन्हें संभावित हमलों से बचाया जा सके.

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने दावा किया है कि लगभग 1.4 करोड़ नागरिकों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने हेतु पंजीकरण कराया है. वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने 'रेड लाइन' पार की, तो उनका जवाब इस क्षेत्र की सीमाओं से कहीं आगे तक जाएगा. यह भी पढ़ें: Middle East Conflict Escalates: तेहरान पर इजरायल के बड़े हमले, ईरान को दी चेतावनी- ‘हमले और बढ़ेंगे’, जानें ताजा हालात

क्षेत्र में जारी सैन्य कार्रवाई और वैश्विक चिंता

गौरतलब है कि 28 फरवरी 2026 से जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच इस संघर्ष में अब तक 1,340 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. मंगलवार सुबह ही अमेरिकी और इजरायली विमानों ने ईरान के खार्ग द्वीप (Kharg Island) और कई रेलवे पुलों को निशाना बनाया है.  खार्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात का 90 प्रतिशत हिस्सा संभालता है, जिसे निशाना बनाकर अमेरिका उसकी आर्थिक रीढ़ तोड़ना चाहता है.

वैश्विक स्तर पर इस तनाव का गहरा असर पड़ रहा है। तुर्किये सहित कई देशों ने संयम बरतने की अपील की है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष पूर्ण युद्ध में बदलता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने से दुनिया भर में महंगाई और आर्थिक मंदी का बड़ा खतरा पैदा हो सकता है.

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