ईरान के खिलाफ अमेरिका, इस्राएल और यूरोप युद्ध छेड़े हुए हैंः ईरानी राष्ट्रपति
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि अमेरिका, इस्राएल और यूरोप ने उनके देश के खिलाफ "पूर्ण युद्ध" छेड़ रखा है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि अमेरिका, इस्राएल और यूरोप ने उनके देश के खिलाफ "पूर्ण युद्ध" छेड़ रखा है. यह बात उन्होंने शनिवार को प्रकाशित एक इंटरव्यू में कही.ईरानी राष्ट्रपति ने देश के सर्वोच्च नेता की आधिकारिक वेबसाइट से बातचीत में कहा, "मेरी राय में, अमेरिका, इस्राएल और यूरोप के साथ हमारी पूरी तरह से लड़ाई छिड़ी हुई है. वे हमारे देश को घुटने पर लाना चाहते हैं." ईरान पर अमेरिका और इस्राएल के हवाई हमलों के छह महीने बाद पेजेश्कियान ने यह बात कही है.
ईरान के परमाणु कार्यक्रम की वजह से सितंबर में उसके खिलाफ फिर से संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध लागू हो गए हैं और इस प्रक्रिया में फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी ने सक्रिय भूमिका निभाई. ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, "यह युद्ध उस युद्ध से कहीं बदतर है जो हमारे खिलाफ इराक ने छेड़ा था. इसका बारीकी से विश्लेषण करें, तो यह कहीं जटिल और मुश्किल है." उनका इशारा 1980 से 1988 तक दोनों पड़ोसी देशों के बीच हुए युद्ध की तरफ था जिसमें लाखों लोगों की जानें गई थीं.
इस्राएल-ईरान संघर्ष
अधिकतम दबाव की रणनीति
अमेरिका और उसके सहयोगियों का आरोप है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करना चाहता है जबकि ईरान ने इससे बार-बार इनकार किया है. उसका कहना है कि उसके परमाणु कार्यक्रम के उद्देश्य शांतिपूर्ण हैं. कट्टर दुश्मन माने जाने वाले ईरान और इस्राएल के बीच जून में 12 दिन तक लड़ाई चली, जिसकी शुरुआत ईरानी सेना और परमाणु प्रतिष्ठानों पर इस्राएल की तरफ से किए गए हवाई हमलों से हुई थी. इस दौरान कुछ असैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया. ईरानी मीडिया का कहना है कि इस लड़ाई में एक हजार लोगों की मौत हुई. बाद में अमेरिका ने भी ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमले किए.
अमेरिका के इस संघर्ष में शामिल होने की वजह से अप्रैल में ईरानी परमाणु कार्यक्रम को लेकर शुरू हुई वार्ता बंद हो गई. इस साल जनवरी में राष्ट्रपति पद संभालने के बाद डॉनल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ फिर से "अधिकतम दबाव" की रणनीति पर अमल कर रहे हैं. अपने पहले कार्यकाल में भी उन्होंने ऐसा ही किया था. इसमें आर्थिक रूप से बेहद दवाब झेल रहे ईरान के खिलाफ प्रतिबंध लगाना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उनके उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाना शामिल है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप सोमवार को फ्लोरिडा में इस्राएली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू से मिलने वाले हैं. इस दौरान दोनों नेताओं की बातचीत में ईरान का मुद्दा भी शामिल होगा. इस्राएली मीडिया रिपोर्टों का कहना है कि नेतन्याहू ईरानी परमाणु प्रतिष्ठानों और मिसाइल क्षमताओं के पुनर्निर्माण की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 28, 2025 02:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

