अफगानिस्तान: दाढ़ी की लंबाई कम होने पर तालिबान की मोरालिटी पुलिस ने सहायता कर्मियों को हिरासत में लिया

अफगानिस्तान में तालिबान सरकार की मोरालिटी पुलिस ने ईरान सीमा के पास लगभग 20 सहायता कर्मियों को सिर्फ इसलिए हिरासत में ले लिया क्योंकि उनकी दाढ़ी तय नियमों के मुताबिक लंबी नहीं थी. हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया.

अफगानिस्तान में तालिबान सरकार की मोरालिटी पुलिस द्वारा नियमों के उल्लंघन के आरोप में सहायता कर्मियों को हिरासत में लेने का मामला सामने आया है. ईरान-अफगानिस्तान सीमा के पास स्थित इस्लाम कला बॉर्डर क्रॉसिंग पर सदाचार प्रचार और अनाचार रोकथाम मंत्रालय के अधिकारियों ने लगभग 20 सहायता कर्मियों को हिरासत में ले लिया. इस कार्रवाई के पीछे की वजह इन कर्मियों की दाढ़ी की लंबाई का कम होना बताया गया है.

दाढ़ी की लंबाई को लेकर सख्त नियम

तालिबान प्रशासन अफगानिस्तान में इस्लामी कानून की अपनी सख्त व्याख्या के अनुसार शासन चलाता है. इसके तहत प्रशासनिक और सार्वजनिक क्षेत्रों में काम करने वाले पुरुषों के लिए दाढ़ी बढ़ाना अनिवार्य किया गया है. नियमों के मुताबिक, हर पुरुष की दाढ़ी की लंबाई कम से कम एक मुट्ठी के बराबर होनी चाहिए. जिन लोगों की दाढ़ी कटी हुई या ट्रिम की हुई पाई जाती है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है.

संयुक्त राष्ट्र की सहयोगी संस्थाओं के कर्मचारी प्रभावित

मिली जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए सभी पुरुष कर्मचारी स्थानीय नागरिक थे. ये लोग इस्लाम कला रिसेप्शन सेंटर में संयुक्त राष्ट्र (UN) के साथ मिलकर काम करने वाली विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय सहयोगी संस्थाओं के लिए सेवाएं दे रहे थे. अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के आंतरिक बयानों से संकेत मिले हैं कि इन कर्मियों को शनिवार को पकड़ा गया था. हालांकि, स्थिति स्पष्ट होने के बाद कुछ कर्मियों को उसी दिन और बाकी बचे लोगों को अगले दिन रिहा कर दिया गया.

प्रशासन का रुख और अन्य गिरफ्तारियां

इस पूरे घटनाक्रम पर तालिबान के मुख्य मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है. दूसरी तरफ, हेरात प्रांत में मोरालिटी पुलिस के स्थानीय अधिकारियों ने गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के किसी भी कर्मचारी को गिरफ्तार या जेल में डालने की बात से इनकार किया है. हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने यह स्वीकार किया है कि दाढ़ी छोटी होने के कारण विभिन्न सरकारी विभागों के पांच कर्मचारियों को जरूर हिरासत में लिया गया था.

पृष्ठभूमि और कड़े होते प्रतिबंध

साल 2021 में सत्ता में लौटने के बाद से तालिबान प्रशासन ने देश में सामाजिक नियमों को बेहद कड़ा कर दिया है. महिलाओं की शिक्षा और रोजगार पर व्यापक प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ अब पुरुषों के पहनावे और दाढ़ी को लेकर भी नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने इस तरह की कार्रवाइयों पर समय-समय पर चिंता जताई है, क्योंकि इससे जमीनी स्तर पर मानवीय सहायता पहुंचाने वाले संगठनों के कामकाज में बाधा उत्पन्न होती है.

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