सूरज से कई गुना ज्यादा चमकीली सबसे पुरानी चीज की खोज
पहली बार यूक्लिड स्पेस टेलिस्कोप ने अब तक के सबसे पुराने क्वासार की पहचान की है.
पहली बार यूक्लिड स्पेस टेलिस्कोप ने अब तक के सबसे पुराने क्वासार की पहचान की है. इसके बाद से वैज्ञानिकों के लिए ब्रह्मांड की एक पहेली और गहरी हो गई है.क्वासार ब्रह्मांड की सबसे चमकीली चीज हैं. इन्हें विशालकाय ब्लैक होल से ऊर्जा मिलती है. शुरुआती आकाशगंगाओं के मध्य में मौजूद ये विशालकाय ब्लैकहोल अपने आसपास की धूल और गैस को निगल जाते हैं. इससे जो चमक पैदा होती है वह सूरज की तुलना में खरबों गुना ज्यादा हो सकती है.
ब्रह्मांड का इतिहास जानने का जरिया
अतुलनीय रूप से चमकीले होने की वजह से वैज्ञानिक प्राचीन क्वासार की तलाश में रहते हैं ताकि ब्रह्मांड के अनसुलझे रहस्यों के बारे में और जानकारी मिल सके. आखिरकार अंतरिक्ष की गहराई में देखने का एक मतलब गुजरे हुए समय की ओर देखना भी है.
सोमवार को प्रकाशित एक स्टडी रिपोर्ट में अंतरिक्षविज्ञानियों ने 31 क्वासार के खोज की घोषणा की है. इनमें दो ऐसे क्वासार हैं, जो अब तक खोजे गए क्वासार में सबसे अधिक पुराने हैं. इस सबसे पुराने जोड़े से तब से रोशनी आ रही है जब ब्रह्मांड करीब 67 करोड़ साल की उम्र में था. यह इसकी मौजूदा उम्र यानी 13.8 वर्ष का महज 5 फीसदी है. इससे पहले खोजे गए सबसे पुराना क्वासार की जानकारी 2021 में आई थी. उसकी उम्र करीब 2 करोड़ साल थी.
इन क्वासार की खोज यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ईएसए के यूक्लिड टेलिस्कोप ने की है. जो पृथ्वी से करीब 15 लाख किलोमीटर की दूरी पर है. इससे पहले जो क्वासार खोजे गए थे उन्हें जमीन पर मौजूद दूरबीनों की मदद से खोजा गया था. एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स की रिसर्च रिपोर्ट के प्रमुख लेखक डेमिंग यांग ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा कि 2023 में लॉन्च हुए यूक्लिड ने "इस क्षेत्र को पूरी तरह बदल दिया है."
नीदरलैंड्स की लाइडेन यूनिवर्सिटी के पीएचडी छात्र यांग ने यह भी कहा कि महज दो सालों में ही यूक्लिड ने खोजे गए प्राचीन क्वासार की संख्या को दोगुना कर दिया है.
पहली बार किसी करीबी आकाशगंगा के इर्द गिर्द मिला है आइंस्टाइन रिंग
नए खोजे गए क्वासार उस वक्त के हैं जिसे पुनःआयनीकरण का युग कहा जाता है. यह वह समय है जब अंधकार युग के तुरंत बाद बनने शुरू हुए पहले तारों और आकाशगंगाओं से निकली पराबैंगनी किरणों ने तटस्थ हाइड्रोजन को आयनित कर दिया. इसके साथ ही खगोलीय अंधकार युग खत्म हुआ और ब्रह्मांड पारदर्शी हो गया. वैज्ञानिकों के लिए यह समय खासतौर से बेहद अहम है क्योंकि इससे वे यह जान पाते हैं कि तारे, क्वासार और आकाशगंगा कब बने.
खगोलीय पहेली और पेचीदा हुई
डेमिंग यांग का कहना है, "हम क्वासार का इस्तेमाल लाइटहाउस की तरह करके उनके और हमारे बीच मौजूद गैस का अध्ययन करने में कर सकते हैं, इस तरह से हम यह पता लगा सकते हैं कि ब्रह्मांड इस खगोलीय इतिहास में कब पुनःआयनित हुआ."
क्वासार उन नई समस्याओं के उदाहरण भी हैं जो वैज्ञानिकों की उलझन बढ़ा रहे हैं. ज्यादा ताकतवर दूरबीनें हमें प्राचीन समय में और पीछे जाकर देखना संभव बना रही हैं. इसके साथ ही खगोलीय वस्तुएं उस शुरुआती दौर में जितना सोची गईं थी उससे बहुत ज्यादा बड़ी हो कर सामने आ रही हैं.
रिसर्च रिपोर्ट के सह लेखक जोसेफ हेनावी ने नए क्वासार की खोज के बाद एक बयान में कहा, "समय में पीछे जाने वाला हर कदम इस पहेली को और ज्यादा पेचीदा बना रहा है. ये विशालकाय पिंड जो हमारे सूरज की तुलना में अरबों गुना ज्यादा भारी हैं वे उस वक्त भी मौजूद थे जब हमारा ब्रह्मांड अभी बहुत कम उम्र का ही था."
हेनावी ने यह भी कहा कि हमें तो अभी यह भी नहीं पता कि वे इतनी तेजी से इतने विशाल कैसे हो गए."
जवाब पाने की उम्मीद में वैज्ञानिक और ज्यादा पुराने क्वासार की खोज कर रहे हैं. बहुत दूर तक देखने वाली जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप ने हाल ही में खोजे गए कई ऐसे क्वासार को देखा. वैज्ञानिक आशा कर रहे हैं कि आखिरकार वे पहले एक अरब साल के क्वासार क्रॉनिकल को बना पाने में सफल होंगे
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 06, 2026 04:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

