Himachal Pradesh: कुल्लू में व्यस्त सड़क पर पैराग्लाइडर की इमरजेंसी लैंडिंग, पायलट घायल, बड़ा हादसा टला (Watch Video)

कुल्लू/शिमला: हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कुल्लू जिले (Kullu District) से एक बेहद हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है. जिले के रायण (Raiyan) क्षेत्र में एक पैराग्लाइडिंग पायलट (Paragliding Pilot) को मौसम खराब होने और तेज हवाओं के चलते एक व्यस्त मुख्य सड़क पर आपातकालीन लैंडिंग (Emergency Landing) करनी पड़ी. यह पूरी घटना वहां से गुजर रहे एक वाहन चालक के कैमरे में कैद हो गई, जो अब सोशल मीडिया (Social Media) पर तेजी से वायरल (Viral Video) हो रही है. इस क्रैश लैंडिंग के दौरान पैराग्लाइडर का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया, जिससे पायलट को मामूली चोटें आई हैं. गनीमत यह रही कि सड़क पर चल रहे वाहनों या राहगीरों में से कोई भी इसकी चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया. यह भी पढ़ें: Chandigarh Building Collapse: चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया में ढही दो मंजिला पुरानी इमारत; 2 लोगों की मौत, तीन को सुरक्षित निकाला गया

वायरल वीडियो: चलती गाड़ियों के बीच लैंडिंग का प्रयास

इंटरनेट पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि पैराग्लाइडर तेजी से सड़क की ओर नीचे आ रहा है। उस समय मार्ग पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा था.

जैसे ही पायलट ने सड़क की सतह को छुआ, आखिरी पलों में कंक्रीट की सड़क और हवा के दबाव के कारण वह अपना कूटनीतिक संतुलन खो बैठा और घिसटते हुए सीधे सड़क पर गिर गया. घटना के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने तत्परता दिखाई और घायल पायलट को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. इसके कुछ ही देर बाद पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए.

कुल्लू में पैराग्लाइडर की व्यस्त सड़क पर इमरजेंसी लैंडिंग

अचानक मौसम बदलना बना मुख्य कारण

प्रारंभिक जांच और कूटनीतिक इनपुट्स के अनुसार, उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही अचानक मौसम बदल गया और हवा की रफ्तार काफी तेज हो गई. प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण पायलट को निर्धारित लैंडिंग जोन के बजाय सड़क पर ही इमरजेंसी क्रैश लैंडिंग का फैसला लेना पड़ा.

अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, घायल पायलट का प्राथमिक उपचार कर दिया गया है और उसकी स्थिति पूरी तरह से स्थिर व नियंत्रण में बताई जा रही है.

एडवेंचर स्पोर्ट्स की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने कुल्लू-मनाली और विशेष रूप से घाटी के आसपास के क्षेत्रों में मानसून के मौसम के दौरान पैराग्लाइडिंग के संचालन पर दोबारा सुरक्षा संबंधी सवाल खड़े कर दिए हैं.

  • बढ़ते हादसे: पिछले कुछ महीनों में इस क्षेत्र में अप्रत्याशित मौसम के कारण कई आपातकालीन लैंडिंग और दुर्घटनाएं देखी गई हैं.
  • सुरक्षा ऑडिट की मांग: पर्यटन और नागरिक उड्डयन विभाग ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है कि क्या उड़ान भरने से पहले मौसम के जोखिम का कूटनीतिक आकलन किया गया था और क्या सभी अनिवार्य सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) का पालन किया गया था.

प्रशासन की चेतावनी: प्रशासन ने सभी पर्यटन और साहसिक खेल (Adventure Sports) संचालकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे खराब मौसम या तेज हवाओं के दौरान किसी भी प्रकार की उड़ान न भरें. नियमों का उल्लंघन करने वाले ऑपरेटरों के खिलाफ कड़ा कानूनी कूटनीतिक कदम उठाते हुए उनके लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं.