Maharashtra Hotel-Restaurant Rules: महाराष्ट्र खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्यभर के सभी होटलों, रेस्तरां और खाने-पीने के प्रतिष्ठानों के लिए ग्राहकों को मुफ्त शुद्ध पेयजल (पीने का पानी) उपलब्ध कराना अनिवार्य कर दिया है. उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा और खाद्य सुरक्षा प्रथाओं को मानकीकृत करने के लिए चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत यह व्यापक दिशानिर्देश जारी किया गया है. इस नए आदेश के अनुसार, अब कोई भी होटल या रेस्तरां संचालक ग्राहकों को पैकेज्ड बोतल बंद पानी खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकता है.
उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा पहली प्राथमिकता
एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने इस निर्देश पर जोर देते हुए कहा कि सुरक्षित पेयजल तक पहुंच हर नागरिक का मौलिक अधिकार है. हाल ही में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों के व्यक्तिगत निरीक्षण के बाद मुंढे ने इस प्रवर्तन अभियान का नेतृत्व किया, जहां उन्होंने पाया कि कई जगह ग्राहकों को मुफ्त पानी नहीं दिया जा रहा था और अनिवार्य लाइसेंस भी प्रदर्शित नहीं किए गए थे.
कमिशनर मुंढे के अनुसार, रेस्तरां संचालकों को सबसे पहले ग्राहकों को शुद्ध पेयजल परोसना होगा. इसके बाद, यदि ग्राहक खुद चाहें तो वे बोतल बंद पानी का विकल्प चुन सकते हैं.
व्यापक खाद्य सुरक्षा अनुपालन मानक लागू
मुफ्त पानी के इस आदेश के अलावा, एफडीए ने 'व्यापक खाद्य सुरक्षा अनुपालन आदेश' लागू किया है. इसके तहत ढाबों, कैफे, बैंक्वेट हॉल और ई-कॉमर्स फूड प्लेटफॉर्म सहित सभी खाद्य सेवा प्रदाताओं के लिए सख्त परिचालन मानक तय किए गए हैं. इस नए आदेश में सार्वजनिक स्वास्थ्य और पारदर्शिता में सुधार के लिए पहले से मौजूद 22 नियमों को कड़ाई से लागू करने को कहा गया है.
इसके तहत प्रमुख आवश्यकताएं इस प्रकार हैं:
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हानिकारक प्रथाओं पर रोक: अखबारों पर खाना परोसने और खाना पकाने के तेल के बार-बार इस्तेमाल (रीयूज) पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है, क्योंकि इसे स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना गया है.
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स्वच्छता और प्रमाणन: सभी कर्मचारियों की अनिवार्य चिकित्सा जांच (मेडिकल परीक्षण) और फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (FoSTaC) प्रशिक्षण पूरा करना आवश्यक होगा.
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दस्तावेजीकरण: सभी खाद्य व्यवसाय ऑपरेटरों को अपने प्रतिष्ठान के मुख्य प्रवेश द्वार पर अपना वैध एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस प्रमुखता से प्रदर्शित करना होगा.
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पारदर्शिता: बड़े खाद्य व्यवसायों और चैन रेस्तरां को अब अपने मेन्यू कार्ड पर कैलोरी की मात्रा और संभावित एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों (एलर्जेंस) की विस्तृत जानकारी देनी होगी.
उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई और सजा का प्रावधान
एफडीए ने चेतावनी दी है कि इन सुरक्षा मानदंडों का पालन न करने पर भारी जुर्माना, मुकदमा और ऑपरेटिंग लाइसेंस का निलंबन या रद्दीकरण जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. कमिश्नर मुंढे ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से समझौता करने वाली प्रथाओं के खिलाफ विभाग शून्य-सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) का रुख अपना रहा है.
यदि भोजन असुरक्षित पाया जाता है, तो विभाग तुरंत लाइसेंस निलंबित कर देगा. वर्तमान में महाराष्ट्र में 11 लाख से अधिक पंजीकृत खाद्य व्यवसाय ऑपरेटर हैं. एफडीए का कहना है कि नियमों का पालन करने वाले ईमानदार व्यवसायों को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है, लेकिन उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए नियमों को निष्पक्षता से लागू किया जाएगा.













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