NASA Artemis II Moon Mission 2026: 6 मार्च को लॉन्च होगा आर्टेमिस II, 50 साल बाद चांद के करीब जाएंगे इंसान

नासा ने अपने बहुप्रतीक्षित आर्टेमिस II मिशन के लिए 6 मार्च 2026 की तारीख तय की है. सफल 'वेट ड्रेस रिहर्सल' के बाद अब चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर 10 दिनों की ऐतिहासिक यात्रा पर जाने के लिए तैयार हैं.

नासा आर्टेमिस II मून रॉकेट (Photo Credits: Wikipedia)

NASA Artemis II Moon Mission 2026 Update: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने चंद्रमा पर मानव वापसी की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए आर्टेमिस II (Artemis II) मिशन की लॉन्चिंग के लिए 6 मार्च 2026 की संभावित तारीख की घोषणा की है. यह घोषणा गुरुवार रात सफलतापूर्वक संपन्न हुई 'वेट ड्रेस रिहर्सल' (Wet Dress Rehearsal) के बाद की गई है. इस रिहर्सल के दौरान इंजीनियरों ने स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) (Space Launch System) रॉकेट में 7,30,000 गैलन क्रायोजेनिक ईंधन भरने का जटिल परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया. यह पिछले 50 से अधिक वर्षों में चंद्रमा के वातावरण में भेजा जाने वाला पहला मानवयुक्त मिशन होगा. यह भी पढ़ें: 'Artemis II' Mission: नासा का 'आर्टेमिस II' मिशन, चंद्रमा की उड़ान से पहले रॉकेट का हुआ 'कॉन्फिडेंस टेस्ट', मार्च में लॉन्चिंग की संभावना

तकनीकी बाधाएं दूर, रिहर्सल सफल

आर्टेमिस II के लिए मार्च की लॉन्च विंडो तब तय की गई जब नासा के विशेषज्ञों ने लिक्विड हाइड्रोजन लीक की उस समस्या को सुलझा लिया, जिसने इस महीने की शुरुआत में परीक्षणों में बाधा डाली थी. 20 फरवरी को नासा के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की कि रॉकेट की नई सील और फिल्टर उड़ान जैसी परिस्थितियों में पूरी तरह सुरक्षित पाए गए. अंतिम सावधानी के तौर पर, मिशन के चारों अंतरिक्ष यात्रियों ने शुक्रवार रात से अनिवार्य 'प्री-फ्लाइट हेल्थ क्वारंटीन' (अनिवार्य स्वास्थ्य पृथकवास) शुरू कर दिया है.

मिशन की रूपरेखा: एक ऐतिहासिक चंद्र यात्रा

आर्टेमिस II मिशन नासा की गहरी अंतरिक्ष (Deep-space) क्षमताओं का परीक्षण करेगा. इस 10 दिवसीय यात्रा में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल होंगे:

ये चारों ओरियन स्पेसक्राफ्ट के अंदर यात्रा करेंगे. मिशन के दौरान यह कैप्सूल चंद्रमा के सुदूर हिस्से (Far side) से लगभग 4,700 मील (7,600 किमी) आगे जाएगा. यह दूरी मानव इतिहास में अब तक की सबसे लंबी दूरी होगी, जो 1970 में अपोलो 13 मिशन द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देगी.

क्यों महत्वपूर्ण है यह मिशन?

आर्टेमिस II सीधे चंद्रमा पर नहीं उतरेगा, बल्कि यह चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण का उपयोग करके 'फ्री-रिटर्न' पैंतरे के जरिए पृथ्वी पर वापस लौटेगा और प्रशांत महासागर में स्पलैशडाउन (लैंड) करेगा.

  1. जीवन रक्षक प्रणालियों की जांच: यह मिशन इंसानों के लिए आवश्यक लाइफ-सपोर्ट सिस्टम का अंतिम परीक्षण होगा.
  2. आर्टेमिस III का आधार: इसकी सफलता 2027 या 2028 में होने वाले 'आर्टेमिस III' मिशन का रास्ता साफ करेगी, जिसमें पहली बार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की सतह पर कदम रखेंगे. यह भी पढ़ें: NASA ने क्यों रोका आर्टेमिस-2 का लॉन्च? जानें क्या आई तकनीकी खराबी और अब कब पूरा होगा मिशन

नासा के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मार्च की लॉन्च विंडो काफी छोटी है, जिसमें केवल पांच दिन उपलब्ध हैं. यदि इन तारीखों पर लॉन्च नहीं हो पाया, तो मिशन को अप्रैल तक के लिए टालना पड़ सकता है. नासा की वरिष्ठ अधिकारी लोरी ग्लेज ने टीम के उत्साह को साझा करते हुए कहा, ‘हर रात जब मैं चांद को देखती हूं, तो मुझे महसूस होता है कि वह हमें बुला रही है और हम तैयार हैं.’

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