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Ind vs NZ, 1st ODI 2022: शिखर धवन ने कहा, बेंच पर बैठे खिलाड़ियों से बातचीत करना महत्वपूर्ण

"ज्यादातर, हर खिलाड़ी इस चरण से गुजरता है. टीम के लिए यह अच्छा है कि टीम में बहुत सारे अच्छे खिलाड़ी हैं. ऐसे मामलों में बातचीत ही बेहतर विकल्प है, चाहे वह कोच से हो या कप्तान से हो."

Ind vs NZ, 1st ODI 2022: शिखर धवन ने कहा, बेंच पर बैठे खिलाड़ियों से बातचीत करना महत्वपूर्ण
शिखर धवन (Photo Credits Instagram

संजू सैमसन को न्यूजीलैंड के खिलाफ बारिश से प्रभावित टी20 श्रृंखला में मौका ना देने के कारण भारतीय थिंक-टैंक की काफी आलोचना हुई है. न्यूजीलैंड के खिलाफ शुक्रवार से शुरू होने वाली एकदिवसीय श्रृंखला के साथ, कई लोग उम्मीद कर रहे हैं कि दाएं हाथ के बल्लेबाज को मौका दिया जाएगा. जुलाई के बाद से एकदिवसीय मैचों में कई पहली पसंद खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में, सैमसन ने 50 ओवर की आठ पारियों में 82.66 के उच्च औसत और 107.35 के स्ट्राइक-रेट से दो अर्धशतकों सहित 248 रन बनाकर अपने मौके को भुनाया था. यह भी पढ़ें: ऑकलैंड में भारत बनाम न्यूजीलैंड वनडे मैच में बारिश डालेगी रंग में भंग, जानिए कैसा रहेगा पिच और मौसम का मिजाज

भारत अब अगले साल एकदिवसीय विश्व कप के लिए अपनी टीम को अंतिम रूप देने की राह पर है, यह देखना बाकी है कि क्या टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ सैमसन की क्षमताओं पर अपना विश्वास करेगी और फिर उसे बीच में एक बड़ी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेगी. विशेष रूप से स्पिन का अच्छी तरह से मुकाबला करने की उनकी क्षमता के साथ.

यह पूछे जाने पर कि वह सैमसन जैसे खिलाड़ियों को लेकर क्या सोचते हैं, जिन्हें उतने मौके नहीं मिलते जितने वे चाहते थे, कार्यवाहक कप्तान शिखर धवन ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के परि²श्य में संचार कैसे एक बड़ी भूमिका निभाता है.

बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज ने कहा, "ज्यादातर, हर खिलाड़ी इस चरण से गुजरता है. टीम के लिए यह अच्छा है कि टीम में बहुत सारे अच्छे खिलाड़ी हैं. ऐसे मामलों में बातचीत ही बेहतर विकल्प है, चाहे वह कोच से हो या कप्तान से हो."

धवन ने आगे बताया कि कैसे संवाद और स्पष्टता होने से बेंच पर खिलाड़ियों को प्लेइंग इलेवन से बाहर होने से निपटने में मदद मिल सकती है. "अगर बातचीत होती है, तो खिलाड़ी को इस बारे में स्पष्टता मिलती है कि वह क्यों नहीं खेल रहे हैं और इसके पीछे क्या कारण है, क्योंकि इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं." यह भी पढ़ें: ऑकलैंड में भारत बनाम न्यूजीलैंड वनडे मैच में बारिश डालेगी रंग में भंग, जानिए कैसा रहेगा पिच और मौसम का मिजाज

उन्होंने कहा, "तो जब वह स्पष्टता और पारदर्शिता होती है, तब भी जब कोई व्यक्ति उदास महसूस करता है, जो कि बहुत स्वाभाविक है, टीम के बड़े लाभ के लिए यह एक बड़ा कारण हो सकता है."

भारतीय टीम में जगह का इंतजार करना एक ऐसी चीज है जिसे धवन अच्छी तरह से जानते हैं. 2004 के अंडर19 विश्व कप में तीन शतकों सहित 84.16 की औसत से 505 रन बनाने के लिए उन्हें प्लेयर आफ द टूर्नामेंट चुना गया था. लेकिन उन्हें अपनी भारत कैप हासिल करने के लिए 2010 तक इंतजार करना पड़ा और 2013 से, वह सभी प्रारूपों में खुद को एक मुख्य आधार के रूप में स्थापित करने में सफल रहे.

उन्होंने कहा, "कभी-कभी मैं उन्हें अपना उदाहरण देता हूं (भारतीय टीम में खुद को स्थापित करने के लिए उन्हें कितनी मेहनत करनी पड़ी), कभी-कभी मैं नहीं बताता हूं. यह इस बात पर निर्भर करता है कि लड़के पूछते हैं, तो मैं उन्हें बताता हूं."

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 24, 2022 05:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).