हंपी कोनेरू ने वर्ल्ड रेपिड चेस चैंपियनशिप का खिताब किया अपने नाम
देश की युवा महिला ग्रैंडमास्टर हंपी कोनेरू ने शनिवार यानि आज वर्ल्ड रेपिड चेस चैंपियनशिप 2019 की प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब को जीत लिया है. कोनेरू ने इस मुकाबले में चीन की महिला ग्रैंडमास्टर लेई तिंगजी को मात दिया.
नई दिल्ली: देश की युवा महिला ग्रैंडमास्टर हंपी कोनेरू (Humpy Koneru) ने शनिवार यानि आज वर्ल्ड रेपिड चेस चैंपियनशिप 2019 (World Rapid Chess Champion 2019) की प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब को जीत लिया है. कोनेरू ने इस मुकाबले में चीन (China) की महिला ग्रैंडमास्टर लेई तिंगजी (Lei Tingjie) को मात दिया. बता दें कि हंपी कोनेरू ने साल 2016 और 2017 में चेस से विराम लिया था. इस दौरान वो मां भी बनीं. कोनेरू ने साल 2018 में फिर से कड़ी मेहनत कर चेस की दुनिया में वापसी की.
हंपी कोनेरू को विराम के बाद अपने अथक परिश्रम का फल वर्ल्ड रेपिड चेस चैंपियनशिप 2019 के रूप में मिल चूका है. उन्होंने इस प्रतियोगिता में लगभग 30 एलो अंक प्राप्त किए, स्कोलोवो महिला जीपी जीती और अब विश्व रैपिड चैंपियनशिप का खिताब भी अपने नाम कर लिया है.
हंपी कोनेरू का जन्म 31 मार्च 1987 को आन्ध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के गुडिवाडा (Gudivada) शहर में हुआ था. कोनेरू के पिता का नाम अशोक और माता का नाम कोनेरू लता हैं. हंपी कोनेरू को साल 2010 में राष्ट्रपति के हाथों पद्मश्री (Padma Shri) सम्मान से नवाजा जा चूका है.
बता दें कि हंपी कोनेरू का नाम उनके पिता अशोक ने रखा है. हंपी शब्द का अर्थ होता है विजयी इसी लिए कोनेरू का नाम हंपी कोनेरू रखा गया. हंपी कोनेरू ने महज नौ साल की उम्र में ही चेस में तीन राष्ट्रीय स्तर के गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिए थे.