Cricketers Held Hostage By Hotel Staff: श्रीनगर में होटल स्टाफ ने IHPL क्रिकेटरों को बनाया बंधक, बिना भुगतान किए आयोजक हुए फरार 

आयोजकों के फरार होने के बाद कई खिलाड़ी श्रीनगर के एक होटल में फंसे हुए हैं, जहां होटल प्रबंधन ने भुगतान न होने की वजह से खिलाड़ियों को बाहर जाने से रोक दिया है. यह लीग मोहाली स्थित युवा सोसाइटी द्वारा आयोजित की गई थी और इसे जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल के समर्थन से प्रचारित किया गया बताया गया था

इंडियन हेवन प्रीमियर लीग 2025

Cricketers Held Hostage By Hotel Staff: श्रीनगर में आयोजित इंडियन हेवन प्रीमियर लीग (IHPL) एक बड़े विवाद में फंस गई है. स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की भागीदारी वाली यह टी20 क्रिकेट लीग अब अव्यवस्था और धोखाधड़ी का प्रतीक बन गई है. जानकारी के अनुसार, आयोजकों के फरार होने के बाद कई खिलाड़ी श्रीनगर के एक होटल में फंसे हुए हैं, जहां होटल प्रबंधन ने भुगतान न होने की वजह से खिलाड़ियों को बाहर जाने से रोक दिया है. यह लीग मोहाली स्थित युवा सोसाइटी द्वारा आयोजित की गई थी और इसे जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल के समर्थन से प्रचारित किया गया बताया गया था. सुदर्शन पटनायक की खास रेत कला से पुरी बीच पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पहली विश्व कप जीत का मनाया रंगीन जश्न, देखें वीडियो

उद्घाटन समारोह में स्पोर्ट्स काउंसिल की सचिव नुज़हत गुल की मौजूदगी ने लीग को सरकारी जुड़ाव का आभास दिया, लेकिन अब उन्होंने अपने और सरकार के किसी भी प्रकार के संबंध से इनकार किया है. नुज़हत गुल ने इकोनॉमिक टाइम्स से बातचीत में कहा, “इस लीग का सरकार या स्पोर्ट्स काउंसिल से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है. आयोजकों ने बाक्शी स्टेडियम को किराये पर लिया था और इसके लिए भुगतान किया गया था. मेरी उपस्थिति सिर्फ एक आमंत्रण पर थी, जिसका किसी प्रकार का आधिकारिक मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए.”

सूत्रों के अनुसार, खिलाड़ियों को “तकनीकी कारणों” का हवाला देकर मैदान न आने की सलाह दी गई, जिसके बाद कई मैच रद्द कर दिए गए. शनिवार और रविवार को खेले जाने वाले मुकाबले भी इसी वजह से रद्द हुए, क्योंकि खिलाड़ियों ने बिना भुगतान मैच खेलने से इनकार कर दिया.

कुछ खिलाड़ियों ने पहले ही लीग से अपना नाम वापस ले लिया था, यह कहते हुए कि उन्हें कॉन्ट्रैक्ट और भुगतान को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई. वहीं, होटल, बस चालक और कैटरिंग सेवाओं से जुड़े स्थानीय लोग भी आयोजकों द्वारा भुगतान न किए जाने की शिकायत कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि कई विदेशी खिलाड़ी पहले ही श्रीनगर छोड़ चुके हैं, जबकि जम्मू-कश्मीर के कुछ खिलाड़ी अब भी होटल में फंसे हुए हैं और अपनी सुरक्षा और बकाया राशि को लेकर चिंतित हैं.

जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि इस लीग का संचालन पूरी तरह निजी था और परिषद का इसमें कोई औपचारिक योगदान नहीं था. काउंसिल ने केवल मैदान किराये पर देने की बात स्वीकार की है. गौरतलब है कि यह लीग बीसीसीआई या जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) से मान्यता प्राप्त नहीं थी. अब खिलाड़ियों और स्टाफ का कहना है कि आयोजकों द्वारा किए गए वादे झूठे निकले और वे बिना किसी सहायता के फंसे हुए हैं. फिलहाल श्रीनगर प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कर रहा है.

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