इंग्लैंड और भारत के बीच 2025 की टेस्ट क्रिकेट सीरीज एक ऐतिहासिक और रोमांचक मुकाबला साबित हुई, जिसे क्रिकेट प्रेमी लंबे समय तक याद रखेंगे. यह पांच मैचों की एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी सीरीज 2-2 से बराबर रहने के बाद भारत की ओवल में 6 रन से ऐतिहासिक जीत के साथ समाप्त हुई. सबसे पहले तो इस सीरीज में कुल 7,187 रन बने, जो टेस्ट सीरीज में अब तक दूसरे सबसे अधिक रन थे, और 14 बार दोनों टीमों ने 300 या उससे अधिक रन का आंकड़ा पार किया. कुल 21 शतक और 19 शतकीय साझेदारियों ने मैचों को बेहद रोमांचक बनाया. इस सीरीज में नौ बल्लेबाजों ने 400 से अधिक रन बनाए, जिनमें शुभमन गिल ने सर्वाधिक 754 रन बनाए और चार शतक ठोके, जो उनकी कप्तानी में पहली बड़ी उपलब्धि थी. उन्होंने 35 साल पुराने ग्राहम गूच के रिकॉर्ड को तोड़ दिया.
गेंदबाजी में मोहम्मद सिराज ने 23 विकेट लेकर जसप्रीत बुमराह के 2021 के रिकॉर्ड की बराबरी की. उन्होंने इंग्लैंड में भारत की ओर से किसी टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक विकेट लिए. सिराज ने अंतिम मैच में इंग्लैंड के लिए अहम विकेट लेकर भारत को जीत दिलाई. जो रूट ने भी 6,000 टेस्ट रन पूरे करते हुए इंग्लैंड के लिए 13वीं बार शतक लगाया, जो सबसे अधिक है.
इस सीरीज की सबसे खास बात यह रही कि भारत ने पहली बार अंग्रेजी धरती पर पांचवें टेस्ट मैच को जीता. यह जीत न केवल मैच बल्कि पूरे टेस्ट इतिहास में एक महत्वपूर्ण पल रहा क्योंकि यह दर्शाता है कि भारत विदेशी मैदानों पर भी टेस्ट क्रिकेट में अब किसी से कम नहीं है। दूसरे टेस्ट मैच में भारत ने 336 रन के विशाल अंतर से जीत हासिल की, जबकि तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने 22 रन से जीत दर्ज की. चौथा टेस्ट ड्रॉ रहा.
पाँचवें टेस्ट मैच में इंग्लैंड को जीत के लिए 374 रन का लक्ष्य मिला था, लेकिन भारत के घातक गेंदबाजी आक्रमण के कारण इंग्लैंड 367 रन पर ऑल आउट हो गया. इस रोमांचक मैच में भारत ने 6 रन से जीत प्राप्त की, जो किसी भी टेस्ट मैच में एक अत्यंत करीबी मुकाबला था. अंतिम दिन मोहम्मद सिराज ने इंग्लैंड के दो महत्वपूर्ण विकेट लेकर मैच का रुख भारत के पक्ष में मोड़ा.
इस प्रकार 2025 की इंग्लैंड-विरुद्ध भारत टेस्ट सीरीज ने न सिर्फ खिलाड़ियों के रिकॉर्ड तोड़े, बल्कि क्रिकेट के रोमांचक इतिहास में भी एक यादगार अध्याय जोड़ा. यह श्रृंखला दर्शाती है कि भारत टेस्ट क्रिकेट में विदेशों में भी मजबूती से मुकाबला कर सकता है और दोनों देशों के बीच क्रिकेट की प्रतिस्पर्धा किस तरह दिलचस्प और प्रतिस्पर्धात्मक हो सकती है.
यह सीरीज इसलिए याद रखी जाएगी क्योंकि इसमें क्रिकेट के कई नए महारिकॉर्ड बने, युवा खिलाड़ियों ने अपनी छाप छोड़ी और टेस्ट क्रिकेट के प्रति वैश्विक उत्साह को नया आयाम मिला. इसके साथ ही, यह कप्तान शुभमन गिल के नेतृत्व में भारत का विदेशी सफलता की ओर बड़ा कदम भी साबित हुई.













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