विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) यानि डब्ल्यूएचओ (WHO) ने उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) और हृदय रोगों (Heart Disease) से निपटने के प्रयासों के अंतर्गत नियमित नमक की जगह पोटेशियम युक्त नमक के विकल्प की सिफारिश करते हुए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. बता दें कि जॉर्ज इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ इंडिया ने इस मार्गदर्शन का समर्थन किया है और कहा है कि इससे जीवन बचाने की संभावना है, खासकर भारत जैसे देशों में जहां सोडियम का सेवन अधिक और पोटेशियम की खपत कम है.

जॉर्ज इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ इंडिया द्वारा पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ की मदद से किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि नियमित नमक के अत्यधिक सेवन और पोटेशियम के कम सेवन उच्च रक्तचाप और क्रोनिक किडनी रोग होने की संभावना होती है. ऐसे में उच्च रक्तचाप, हृदय और गुर्दे की बीमारी की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए कम सोडियम और पोटेशिमय युक्त नमक के सेवन पर जोर दिया गया है. यह भी पढ़ें: Health Tips: चलने की गति से मेटाबॉलिक डिजीज संबंधी बीमारियों को रोका जा सकता है; शोध

नियमित नमक की जगह पोटेशियम युक्त नमक के विकल्प की सिफारिश

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