हिमाचल प्रदेश के मंडी ज़िले की चौहार घाटी में स्टाफ नर्स कमला देवी अपनी जान जोखिम में डालकर अपनी ड्यूटी पूरी करती नज़र आ रही हैं. 20 अगस्त को क्षेत्र में बादल फटने के कारण आई बाढ़ ने पैदल पुलों को बहा दिया, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही ठप हो गई. इसके बावजूद कमला देवी ने विषम परिस्थितियों में भी टीकाकरण अभियान को जारी रखा. कमला देवी कथोग पंचायत के हुरंग नारायण देवता गांव में टीकाकरण कार्य के लिए निकलीं. सभी पुल बह जाने के कारण उन्हें उफान पर आए नाले को पार कर गांव तक पहुंचना पड़ा. वीडियो में कमला देवी को जान जोखिम में डालते हुए बाढ़ग्रस्त नदी को पार करते हुए देखा जा सकता है. बहुत परेशनियों के बाद वह सुरक्षित रूप से गांव पहुंच गईं और टीकाकरण कार्य पूरा किया. यह पढ़ें: Chittaurgarh Shocker: खाटूश्यामजी के बाद अब सांवलिया सेठ में... श्रद्धालुओं पर दुकानदारों ने भांजी लाठियां; VIDEO वायरल
यह पूरी घटना वहां मौजूद लोगों ने कैमरे में कैद कर ली और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी. जिसके बाद से यह घटना वायरल हो रही है. इस वीडियो को देखने के बाद लोग प्रसाशन पर सवाल उठा रहे हैं कि ऐसी खतरनाक स्थिति में किसी स्वास्थ्यकर्मी को बिना सुरक्षा उपायों के क्यों भेजा गया.
खतरनाक नदी पार करती दिखी स्वास्थ्यकर्मी
Such people truly need appreciation! 🙌 From Chauharghati Mandi HP, Kamla Devi, a health worker, crossed a flooded stream by jumping to reach Hurang village and vaccinate babies. With roads blocked due to floods and landslides, she carried duty on her shoulders. pic.twitter.com/FbysmHKqOB
— Nikhil saini (@iNikhilsaini) August 22, 2025
इस घटना ने जहां एक सरकारी कर्मचारी की सेवा भावना को उजागर किया है, वहीं आपदा प्रबंधन और क्षेत्रीय प्रशासन की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक यूजर ने लिखा, "बेकार सरकारी एजेंसियां हैं जिन्होंने उसे और अन्य लोगों को सुरक्षित पार करने के लिए यहां पुल उपलब्ध नहीं कराया. यह बहुत जोखिम भरा है!!! क्या होगा अगर वह बह गई? और चट्टानें इतनी खतरनाक हैं!"











QuickLY