Sara Baloch Controversy: पाकिस्तान में महिला कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बढ़ता खतरा और डिजिटल उत्पीड़न की कड़वी सच्चाई

विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान के क्षेत्रीय संदर्भ में, ऑनलाइन चरित्र हनन अक्सर शारीरिक हिंसा या 'ऑनर' के नाम पर मिलने वाली धमकियों में बदल जाता है.

Times Pakistani Influencers and TikTokers Faced Deadly Attacks or Harassment (Photo Credits: Facebook/@SaraBalochFan, Instagram/@qandeelofficial)

पाकिस्तान की प्रमुख सोशल मीडिया हस्ती सारा बलोच से संबंधित हालिया "वायरल वीडियो विवाद" ने एक बार फिर देश में महिला कंटेंट क्रिएटर्स के लिए पैदा होने वाले जोखिमों पर बहस छेड़ दी है. बलूचिस्तान से ताल्लुक रखने वाली सारा बलोच कथित तौर पर एक संगठित डिजिटल उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग अभियान का निशाना बनी हैं. फरवरी 2026 तक की रिपोर्टों के अनुसार, डिजिटल अधिकार समूहों और कार्यकर्ताओं ने उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है. विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान के क्षेत्रीय संदर्भ में, ऑनलाइन चरित्र हनन अक्सर शारीरिक हिंसा या 'ऑनर' के नाम पर मिलने वाली धमकियों में बदल जाता है.

डिजिटल इकॉनमी और रूढ़िवादी समाज के बीच संघर्ष

यह मामला एक परेशान करने वाले पैटर्न को दर्शाता है, जहां महिलाओं को सार्वजनिक जीवन से हटाने या चुप कराने के लिए निजी वीडियो को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. पाकिस्तान में महिला इन्फ्लुएंसर्स अक्सर एक तरफ तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और दूसरी तरफ गहरे रूढ़िवादी सामाजिक ताने-बाने के बीच फंसी रहती हैं. कई मामलों में, इन डिजिटल विवादों को पारंपरिक "सम्मान" के उल्लंघन के रूप में देखा जाता है, जो आगे चलकर न्यायिक उत्पीड़न या 'ऑनर किलिंग' जैसी घटनाओं की पूर्व सूचना बन जाते हैं.

हालिया समय में शिकार हुईं अन्य महिला क्रिएटर्स

पाकिस्तान में इन्फ्लुएंसर्स और टिकटॉकर्स पर जानलेवा हमलों का लंबा इतिहास रहा है. पिछले कुछ वर्षों की प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं:

सना यूसुफ (2025): जून 2025 में 17 वर्षीय टिकटॉक स्टार सना यूसुफ की उनके इस्लामाबाद स्थित घर में हत्या कर दी गई थी. उनके 10 लाख से अधिक फॉलोअर्स थे. उनकी हत्या कथित तौर पर एक ऐसे व्यक्ति ने की जिसके प्रस्ताव को उन्होंने ठुकरा दिया था.

हीरा अनवर (2025): जनवरी 2025 में क्वेटा में 14 वर्षीय हीरा अनवर की उसके पिता ने हत्या कर दी थी. पिता ने कबूल किया कि उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उसे हीरा के टिकटॉक वीडियो "आपत्तिजनक" लगे थे.

सामिया हिजाब और आलिया खान (2025): इन्फ्लुएंसर सामिया हिजाब ने शारीरिक हमले और अपहरण की धमकी के बाद एफआईआर दर्ज कराई, जबकि कोहट की व्लॉगर आलिया खान ने सार्वजनिक स्थानों पर शूटिंग के दौरान होने वाले व्यवस्थित उत्पीड़न का दस्तावेजीकरण किया है.

कंदील बलोच और आयशा अकरम के मामले

पाकिस्तान की पहली सोशल मीडिया स्टार मानी जाने वाली कंदील बलोच की 2016 में उनके भाई ने "ऑनर किलिंग" के तहत हत्या कर दी थी. यह मामला आज भी इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि कैसे रूढ़िवादी समाज डिजिटल प्रसिद्धि को हिंसा के औचित्य के रूप में इस्तेमाल करता है. वहीं 2021 में मीनार-ए-पाकिस्तान पर आयशा अकरम के साथ हुई सामूहिक बदसलूकी ने "विक्टिम ब्लेमिंग" यानी पीड़िता को ही दोषी ठहराने की प्रवृत्ति को उजागर किया था.

सुरक्षा और भविष्य पर सवाल

सना नियाज़ जैसी इन्फ्लुएंसर्स ने अब अपनी करियर की पसंद पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है. सना यूसुफ की हत्या के बाद उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. डिजिटल अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक राज्य कानूनी रूप से इन महिलाओं को सुरक्षा प्रदान नहीं करता और साइबर बुलिंग के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाता, तब तक सारा बलोच जैसे मामले कंटेंट क्रिएटर्स के जीवन के लिए बड़ा खतरा बने रहेंगे.

पाकिस्तान में महिला दृश्यता (Visibility) को अक्सर सामाजिक मानदंडों का उल्लंघन माना जाता है. सारा बलोच के मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि इंटरनेट पर एक गलती या किसी के द्वारा की गई साजिश, किसी महिला के लिए जीवन-मरण का प्रश्न बन सकती है.

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