Lalitha Viral Video Link is Scam: तेलंगाना (Telangana) के करीमनगर (Karimnagar) जिले में सामने आए चर्चित 'ललिता हनीट्रैप' (Lalitha Honeytrap) मामले ने अब एक नया और खतरनाक रूप ले लिया है. जनवरी 2026 के अंत में पुलिस ने ललिता और उसके पति को 100 से अधिक लोगों को ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. अब इसी केस की आड़ में साइबर अपराधी 'डिजिटल वोयूरिज्म' (दूसरों के निजी वीडियो देखने की उत्सुकता) का फायदा उठाकर आम लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं. इंटरनेट पर 'ललिता करीमनगर वायरल वीडियो' (Lalitha Karimnagar Viral Video) के नाम से फैलाए जा रहे लिंक दरअसल एक बड़ा साइबर फ्रॉड है. यह भी पढ़ें: Karimnagar Couple Honey Trap Case: इंस्टाग्राम पर दोस्ती और फिर 'सेक्सटॉर्शन', पति-पत्नी ने 100 से अधिक लोगों को बनाया शिकार
क्या था करीमनगर हनीट्रैप मामला?
पुलिस जांच के अनुसार, ललिता इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए रईस व्यापारियों और युवाओं से दोस्ती करती थी. करीब आने के बाद वह उन्हें अपने किराए के अपार्टमेंट पर बुलाती थी, जहां उसका पति छिपे हुए कैमरों से उनके निजी पलों को रिकॉर्ड कर लेता था.
इन वीडियो के जरिए यह दंपत्ति करोड़ों की वसूली कर रहा था. एक व्यापारी से 12 लाख रुपये ऐंठने के बाद, जब उन्होंने और 5 लाख की मांग की, तब मामला पुलिस तक पहुंचा. पुलिस ने इस जोड़े को गिरफ्तार कर उनके पास से स्मार्टफोन, नकदी और जबरन वसूली के पैसों से खरीदी गई लग्जरी कार जब्त की है.
फैक्ट चेक: क्या सच में कोई वीडियो लीक हुआ है?
सोशल मीडिया और सर्च इंजन पर 'ललिता लीक एमएमएस' की बाढ़ आ गई है, लेकिन इसकी सच्चाई कुछ और है:
- कोई सार्वजनिक लिंक नहीं: इस मामले में वीडियो सार्वजनिक नहीं हुए थे, बल्कि उन्हें ब्लैकमेलिंग के लिए निजी तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था.
- पुलिस के पास है सबूत: करीमनगर पुलिस ने सभी स्मार्टफोन और हार्ड ड्राइव जब्त कर ली हैं. ये वीडियो अब न्यायिक जांच का हिस्सा हैं और फॉरेंसिक लैब में सुरक्षित हैं.
- निष्कर्ष: इंटरनेट पर मौजूद कोई भी लिंक जो "फुल वीडियो" होने का दावा करता है, वह पूरी तरह फर्जी है.
कैसे काम करता है यह 'डिजिटल हनीट्रैप'?
जब आप इन फर्जी लिंक्स पर क्लिक करते हैं, तो आप अनजाने में साइबर अपराधियों के जाल में फंस जाते हैं:
- फिशिंग (Phishing): लिंक आपको एक फर्जी पेज पर ले जाता है जो इंस्टाग्राम या फेसबुक जैसा दिखता है। वीडियो देखने के लिए आपसे 'लॉगिन' करने को कहा जाता है और जैसे ही आप पासवर्ड डालते हैं, आपका सोशल मीडिया अकाउंट हैक हो जाता है.
- मालवेयर डाउनलोड: कई साइट्स वीडियो चलाने के लिए एक "एप" या 'Lalitha_Viral.apk' फाइल डाउनलोड करने को कहती हैं. यह असल में स्पाइवेयर होता है जो आपके फोन से यूपीआई पिन, ओटीपी और निजी फोटो चुरा सकता है.
- कैमरा एक्सेस: कुछ खतरनाक वायरस आपके फोन के वेबकैम को रिमोटली ऑन कर सकते हैं, जिससे आप खुद ब्लैकमेलिंग के अगले शिकार बन सकते हैं. यह भी पढ़ें: अलीना आमिर 'लीक' वीडियो कांड: 2026 में डीपफेक तकनीक का काला चेहरा आया सामने; जानें कैसे काम करता है यह खतरनाक स्कैम
सावधानी ही बचाव है
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग ललिता के जाल में फंसे थे, वे शारीरिक हनीट्रैप का शिकार हुए, लेकिन जो लोग आज इंटरनेट पर वीडियो ढूंढ रहे हैं, वे डिजिटल हनीट्रैप का शिकार बन रहे हैं.
सुरक्षा सलाह: ऐसे किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें. ये वीडियो पुलिस के लॉकर में हैं, इंटरनेट पर नहीं. एक क्लिक आपकी प्राइवेसी और जमापूंजी दोनों को खत्म कर सकता है.













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