Fact Check: क्या बाबरी अस्पताल का ब्लू प्रिंट बनकर हो गया है तैयार? हॉस्पिटल के साइनबोर्ड के साथ वायरल हुई इमारत की तस्वीर, जानें क्या है इसकी सच्चाई
हाल ही में बाबरी अस्पताल के एक साइनबोर्ड के साथ एक बड़े भवन परिसर की तस्वीर कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि यह अयोध्या में प्रस्तावित बाबरी अस्पताल का ब्लू प्रिंट है.बाबरी अस्पताल के ब्लू प्रिंट के रूप में वायरल हो रही तस्वीर वास्तव में अमेरिका के वर्जीनिया प्रांत के चार्लोट्सविले में स्थित वर्जीनिया अस्पताल की है
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Fact Check: क्या अयोध्या में बाबरी अस्पताल का खाका बनकर तैयार हो गया है? दरअसल, बाबरी अस्पताल (Babri Hospital) के एक साइनबोर्ड (Signboard) के साथ एक बड़े भवन परिसर की तस्वीर कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही है. वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि यह अयोध्या में मस्जिद के निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा आवंटित की गई पांच एकड़ भूमि पर सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा प्रस्तावित बाबरी अस्पताल का ब्लू प्रिंट (Babri Hospital Blueprint) है.
इससे पहले कि आप इस वायरल तस्वीर को देख कोई राय कायम कर लें, हम आपको बता दें कि वायरल पोस्ट में किया जा रहा दावा फेक है. दरअसल, बाबरी अस्पताल (Babri Hospital) के ब्लू प्रिंट के रूप में वायरल हो रही तस्वीर वास्तव में अमेरिका (United States) के वर्जीनिया (Virginia) प्रांत के चार्लोट्सविले (Charlottesville) में स्थित वर्जीनिया अस्पताल की है. पोस्ट को फेसबुक पर काफी शेयर किया गया है, जिसमें बाबरी अस्पताल के साइनबोर्ड के अलावा कैंसर विभाग Department of Cancer) और कोरोना विभाग (Department of Corona) के साइन भी नजर आ रहे हैं.
बाबरी अस्पताल के ब्लू प्रिंट की फेक तस्वीर

बूमलाइव वेबसाइट ने वायरल तस्वीर की रिवर्स इमेज को सर्च किया तो यह पाया गया कि यह तस्वीर स्निथ ग्रुप की है, जो एक आर्किटेक्टर प्लानिंग फर्म है. ऑनलाइन पोर्टल के अनुसार, फर्म ने अमेरिका के वर्जीनिया स्थित चार्लोट्सविले में यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया अस्पताल को डिजाइन करने का दावा किया है. उस तस्वीर पर बाबरी अस्पताल का कोई भी साइनबोर्ड नहीं था. यह भी पढ़ें: Fact Check: व्हाट्सप्प पर वायरल मैसेज में दावा, शहर से 15 किलोमीटर के दायरे के अंदर वाहन चालकों को अब हेलमेट पहनना नहीं होगा अनिवार्य, जानें खबर की सच्चाई
बता दें कि 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन समारोह का आयोजन किया गया था, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर निर्माण के लिए आधारशिला रखी. उस अनुष्ठान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी शामिल थे. इस अनुष्ठान के बाद बाबरी अस्पताल के ब्लू प्रिंट का दावा करने वाली यह तस्वीर वायरल होने लगी, जो कि बिल्कुल फेक है.
गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर महीने में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने राम मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या में विवादित भूमि को राम जन्मभूमि न्यास को सौंप दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में पांच एकड़ भूमि सुन्नी वक्फ बोर्ड को आवंटित करने का भी निर्देश दिया था.
Fact check
बाबरी अस्पताल के साइनबोर्ड के साथ एक बड़ी इमारत की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.
बाबरी अस्पताल के ब्लू प्रिंट के रूप में वायरल हो रही तस्वीर वास्तव में संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जिनिया हॉस्पिटल की है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 08, 2020 10:27 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

