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Fact Check: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरकार ने वायुसेना के हाथ बांध दिए थे, क्या राहुल गांधी ने संसद में झूठ बोला? जानें वायरल VIDEO का सच

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के बयान को मिलाकर दिखाया गया है.

Fact Check: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरकार ने वायुसेना के हाथ बांध दिए थे, क्या राहुल गांधी ने संसद में झूठ बोला? जानें वायरल VIDEO का सच
Photo- VaishnavSharan7 & lakshaymehta31/X

Rahul Gandhi Statement Fact Check: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के बयान को मिलाकर दिखाया गया है. वीडियो में दावा है कि राहुल गांधी ने संसद में झूठ बोला और कहा कि सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के पायलटों के हाथ बांध दिए थे, जबकि वायुसेना प्रमुख ने साफ कहा कि पायलटों को पूरी तरह से ऑपरेशनल आजादी दी गई थी.

हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता जांचने के लिए इसके पीछे की सच्चाई जानना जरूरी है.

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'राहुल गांधी ने संसद में झूठ बोला'

फैक्ट चेक में आखिर क्या निकला?

हमने फैक्ट चेक के लिए सबसे पहले राहुल गांधी के बयान की जांच की. गूगल सर्च में हमें टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडिया टुडे और एबीपी न्यूज की रिपोर्ट मिलीं, जिनमें राहुल गांधी का बयान साफ तौर पर दर्ज था.

इन रिपोर्ट्स के मुताबिक, राहुल गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरकार के कामकाज की आलोचना करते हुए कहा था कि पायलटों के हाथ 'बंधे' हुए थे और वे पूरी क्षमता से जवाब नहीं दे पाए.

मीडिया रिपोर्ट्स से क्या पता चला?

इसके बाद हमने भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के बयान को खंगाला. रिपब्लिक वर्ल्ड की रिपोर्ट में वही वीडियो मिला, जिसका जिक्र वायरल पोस्ट में है. इसमें वायुसेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पायलटों को किसी तरह की पाबंदी नहीं थी. उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश, राजनीतिक इच्छाशक्ति और पूरी आजादी मिलने के कारण मिशन सफल रहा.

दैनिक जागरण, नवभारत टाइम्स और हिंदुस्तान समेत कई मीडिया हाउस ने भी यही बयान छापा, जिसमें पायलटों पर किसी तरह के प्रतिबंध से साफ इनकार किया गया था.

राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश

इसका मतलब यह है कि वीडियो में दिखाए गए दोनों बयान असली हैं और सही संदर्भ में दिए गए हैं. फर्क बस इतना है कि सोशल मीडिया पर इसे राजनीतिक रंग देकर कांग्रेस की आलोचना के लिए शेयर किया जा रहा है. असलियत यह है कि राहुल गांधी और वायुसेना प्रमुख के बयान एक-दूसरे से अलग दृष्टिकोण पेश करते हैं, और दोनों के संदर्भ को समझे बिना इन्हें जोड़कर देखने से गलत धारणा बन सकती है.

हमारा निष्कर्ष साफ है, वीडियो सही है, लेकिन इसे आधा सच दिखाकर राजनीतिक बहस का हथियार बनाया जा रहा है. सोशल मीडिया पर किसी भी वायरल दावे पर भरोसा करने से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 09, 2025 04:43 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).