FACT CHECK: क्या मध्य प्रदेश में बच्चे स्कूल जाने के लिए थर्मोकोल पर चढ़कर नदी पार कर रहे हैं? जानें सच्चाई
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक हैरान करने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ बच्चे एक थर्मोकोल के बॉक्स में बैठकर नदी पार करते नजर आ रहे हैं.
MP Thermocol Boat School Kids Video Fact Check: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक हैरान करने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ बच्चे एक थर्मोकोल के बॉक्स में बैठकर नदी पार करते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो मध्यप्रदेश का है, जहां स्कूली बच्चे रोजाना इसी तरह नदी पार करके स्कूल जाते हैं. दावा करने वालों का कहना है कि नदी पार करने के बाद ये बच्चे करीब 2 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल पहुंचते हैं. लेकिन, इस वीडियो की जांच करने पर पाया गया कि यह भारत का नहीं बल्कि इंडोनेशिया की घटना है.
वीडियो की सच्चाई सामने लाने के लिए InVid टूल और Google Lens की मदद ली गई और कुछ फ्रेम्स को अलग किया गया.
बच्चों का थर्मोकोल वाली नाव का वीडियो निकली भ्रामक
कैसे हुआ खुलासा?
जांच में पाया गया कि यह वीडियो साल 2021 का है और इंडोनेशिया के साउथ सुमात्रा प्रांत के टुलुंग सेलापन जिले के कुआला सुंगाई डुआ बेलास गांव का है. वहां के स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में इस वीडियो का जिक्र किया गया था. रिपोर्ट में बताया गया कि गांव के बच्चे स्कूल से लौटते समय मछली रखने वाले थर्मोकोल बॉक्स का इस्तेमाल नदी पार करने के लिए करते हैं. वीडियो में नजर आ रहे तीनों बच्चे स्कूली ड्रेस में हैं और उनके कंधे पर भारी बैग भी लटके हैं.
गांव के प्रमुख हार्टोनी ने भी इस बात की पुष्टि की कि वीडियो उन्हीं के इलाके का है. उन्होंने यह भी कहा कि उस क्षेत्र में बच्चों का इस तरह नदी पार करना आम बात है क्योंकि वहां के लोग पानी और नाव के माध्यम से चलने के अभ्यस्त हैं.
शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जांचे
ये वीडियो हाल ही में एक सोशल मीडिया यूजर विजय कुमार (@vijay__kumar_jk_14_) ने शेयर किया और दावा किया कि यह वीडियो मध्यप्रदेश का है. लेकिन फैक्ट चेक में साफ हो गया कि यह दावा पूरी तरह से गलत और भ्रामक है.
सोशल मीडिया पर इस तरह के पुराने और झूठे वीडियो को भारत से जोड़ना न सिर्फ गुमराह करता है, बल्कि असली समस्याओं से ध्यान भटकाने का काम करता है. ऐसे में जरूरी है कि कोई भी वीडियो या खबर शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें.